लॉकडाउन के चलते फूलों का कारोबार करने वाले परेशान
Apr 22 2020
ग्वालियर। जिन फूलों से भगवान की शोभा बढ़ाई जाती है आज वे फूल उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि सुंगधित फूल चढ़ाने से भगवान प्रसन्न होते हंै परंतु आज वे ही फूल भगवान के चरणों तक नहीं पहुंच रहे हंै। फूलों की खेती करने वाले किसान भी दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हैं। वहीं फूलों की माला बनाने वाले हजारों दिहाड़ी श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट छा गया है। लॉकडाउन की वजह से कितने लोगों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। दुकानों में रखे सामान तो बाद में भी बिक जाएंगे लेकिन फूलों की खेती करने वालों के लिए एक-एक दिन नुकसान वाला साबित हो रहा है। शहर से सटे कई गांवों में फूलों की खेती होती है। अगर आसपास की बात करें तो गिरवाई नाका, कुलैथ, अजयपुर,निचलापुरा जैसे कई क्षेत्रों में गुलाब, गेंदा सहित कई फूलों की खेती कर ग्रामीण अपने परिवार का भरण- पोषण करते हैं। गिरवाई के आगे फूलों की अच्छी- खासी खेती है और इसे कई लोग तो फुलवारी के नाम से जानते हैं। जहां हर किसान इन खेतों से लगभग हर ह ते एक हजार किलो गेंदा का फूल निकालता है। लेकिन पिछले 25 दिन से तैयार फूल नहीं तोड़े जा रहे हैं। लॉकडाउन से न मंदिर के पट खुल रहे हैं और न ही शहर में फूलों की दुकानें सज रही हैं। ऐसे में फूलों की खेती करने वाले किसानों ने इसे तोडऩा ही बंद कर दिया है। फूल के थोक कारोबारियों का कहना है कि वह शुरु में सब्जी मंडी में लेकर आए लेकिन खरीदारी नहीं मिले तो फूलों को फैंककर जाना पड़ा जिससे नुकसान हुआ इसलिए वह अब फूलों को खेतों में ही लगे रहने दे रहे हैं।
फूलों का काम करने वाले प्रकाश कुशवाह का कहना है कि इन दिनों लॉकडाउन से चलते कारोबार ठप पड़ा है। प्रकाश कहते हैं फूलों को तोड़कर बर्बाद करने से अच्छा है कि उसे खेतों में ही छोड़ दें। धीरे-धीरे फूल झड़कर नीचे गिर जा रहे हैं। फूल कारोबारी पुरुषोत्तम कुशवाह का कहना है कि किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या अब रोजी-रोटी की हो गई है। फूलों की बिक्री से हर ह ते कमाई हो जाती थी, लेकिन अब खेतों से निकलने वाले फूलों की बिक्री नहीं होने से किसानों को परेशानी हो गई है।
फूल कारोबारियों के साथ-साथ मजदूर परिवारों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। फूल की खेती करने वालों का कहना है कि वह फूलों की तुड़ाई के लिए मजदूरों को रखते हैं लेकिन इन दिनों कारोबार ही ठप पड़ा है तो मजदूरों को रखकर क्या फायदा। खेतों में काम करने वाले मजदूर भी काम नहीं मिलने से अपने गांव की ओर पलायन कर गए।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









