ट्रकों में छिपकर आए, सात पकड़े, पुलिस ने जांच कराकर भेजा क्वारेंटाइन सेंटर

Apr 19 2020

ग्वालियर। दूसरे शहरों से ट्रकों में छिपकर आ रहे लोगों से शहरवासी संक्रमित ना हों, इसके लिए पुलिस ने सीमा पर चेकिंग कड़ी कर दी है। जो भी शहर में प्रवेश करने का प्रयास करता पकड़ा जा रहा है, उसकी मेडिकल जांच कराने के बाद पुलिस ने क्वारेंटाइन सेंटर भेजा जा रहा है। वहीं अफसरों के साफ निर्देश हंै कि हाइवे स्थित सीमाओं पर तैनात जवान व अफसर एक भी वाहन को बगैर जांच के ना जाने दें, क्योंकि एक भी संक्रमित शहर में पहुंच जाएगा तो सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। 
महाराष्ट्र से आए मोहना में पकड़े
मोहना थाना पुलिस ने शिवपुरी-ग्वालियर सीमा पर चेकिंग में पांच ट्रकों से आए दो दर्जन लोगों को पकड़ा है। जिनमें दूसरे जिलों में जाने वाले डेढ़ दर्जन लोगों को बॉर्डर पार कराया है। वहीं शहर में आने वाले पांच युवकों को मेडिकल जांच के बाद तिघरा स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती कराया गया है। जिससे अगर वे संक्रमित हों तो पता लगाया जा सके  और कोई भी उनके संपर्क में आने से संक्रमित ना हो सके। 
नाका चंद्रबदनी पर घूम रहे दो पकड़े
रविवार को थाना प्रभारी झांसी रोड नाका चंद्रबदनी पर पहुंचे तो दो युवक बैग टांगे हुए जाते दिखे। शंका होने पर उन्हें रोका और पूछताछ की तो युवकों ने बताया कि वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद से आए हंै और मोतीझील पर रहने वाले अपने दोस्त के घर जा रहे हैं। यहां तक आने की पूछने पर युवकों ने बताया कि वे ट्रकों से आए थे और सीमा पर चेकिंग प्वाइंट से पहले ही ट्रक चालक कच्चे रास्तों से होते हुए झांसी रोड इलाके में छोड़ गया था। इसके बाद वह पैदल-पैदल जा रहे थे कि तभी उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने उनकी मेडिकल जांच कराने के बाद क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया है। 
बिगड़ सकती है बाहरी लोगों से शहर की फिजा
जिस तरह लोग सीमाओं पर पकड़े जा रहे हैं, उनसे शहर को खतरा है, क्योंकि एक भी संक्रमित व्यक्ति शहर में प्रवेश होकर लोगों के संपर्क में आ गया तो शहर के  लोग संक्रमित हो सकते हंै और ग्वालियर पॉजीटिव मरीजों में आ सकता है। 
सत्यनारायण की टेकरी और बापू दण्डी की गोठ से उठाए तीन
बाहर से आकर अपने घरों में पहुंचे लोगों की सूचना स्थानीय लोग अफसरों तक पहुंचा रहे हंै। सूचना पर पुलिस व डॉक्टरों की टीम ने सत्यनारायण की टेकरी और बापू दण्डी की गोठ से तीन लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर भेजा है, जिससे अगर वे पॉजीटिव हुए तो उनके संपर्क में आने से लोग संक्रमित ना हों।