मुक मल बंद रहा ग्वालियर
Apr 19 2020
ग्वालियर। पिछले तीन दिनों से मिली तमाम रियायतों को रविवार के रोज प्रशासन और पुलिस ने वापस ले लिया। ग्वालियर में टोटल लॉकडाउन रहा। यानी ग्वालियर मुक मल बंद रहा। टोटल लॉकडाउन के दौरान जिन लोगों को सुबह नौ बजे तक सड़क पर आने की रियायत दी गई थी, उन्हें भी पुलिस नौ बजते-बजते तक ऑफ रोड करना शुरु कर दिया। दस बजते-बजते तक शहर की तपती सड़कों पर या तो पुलिस वाले बैरिकेड्स पर मुस्तैदी से मोर्चा जमाए नजर आ रहे थे या फिर प्रशासन की गाडिय़ां जिले भर में यह जानने के लिए घूम रहीं थीं कि कहीं कोई भूखा तो नहीं बैठा है। सही मायने में रविवार को ग्वालियर के लिए अग्निपरीक्षा थी क्योंकि इस परीक्षा में सीधा सा मतलब है कि आज से ग्वालियर में धीरे-धीरे रौनक आने का रास्ता साफ हो जाएगा। पीएम मोदी ने भी कहा कि जो क्षेत्र कोरोना फ्री मिलेंगे, वहां 20 अप्रैल से रियायतें मिलेंगी पर कुछ शर्तों के साथ।
रविवार को ग्वालियर की जो स्थिति रही उसके मुताबिक ग्वालियर कोरोना मुक्त है। जो तीन मरीज भर्ती हैं वे दूसरे जिले के हैं। ग्वालियर के जिन लोगों को आइसोलेशन वार्ड में डाला गया था वे अपने घरों को पहुंच गए हैं। ग्वालियर में एक भी पॉजिटिव रिपोर्ट वाला श स नहीं है। यह ग्वालियर के लिए एक बहुत बड़ी राहत की बात है। ग्वालियर जिले को संभालने वाली सरकारी मशीनरी के कोरोना से जंग में पूरी ताकत झोंक देने के सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं। हालांकि लंबी लड़ाई शेष है पर ग्वालियर आज उस स्टेज पर जाकर खड़ा हो गया है जहां आज दिन भर भले की खबर रही तो ग्वालियर में संपूर्ण लॉकडाउन 3 मई तक खिंचने के हालात काफी कम हो जाएंगे और आज से और भी भला शुरु हो सकता है। ग्वालियर वालों को किस्तों में रियायत मिलनी शुरु हो जाएंगीं।
कोरोना से अछूते क्षेत्र में शुरु होने वाली सेवाओं में मेडिकल सर्विसेज, खेती-बागवनी, मछली पकडऩा, पशुपालन, सामाजिक सेवा क्षेत्र, निजी संस्थानों, छोटे लॉज, केंद्र और राज्य के द तर, कारखानों, मोबाइल फोन, टीवी-रेफ्रिजरेटर-लैपटॉप, कपड़े और स्कूली बच्चों के लिए स्टेशनरी आइटम, किराने के सामन और दवा जैसी आवश्यक वस्तुओं की बिक्री शामिल हैं। ग्राणीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई तथा बिजली लाइनों, दूरसंचार, ऑप्टिकल फाइबर और केबल बिछाने का काम भी शुरु किया जा सकता है।
सामाजिक तौर-तरीके को बदलना ही होगा
लॉकडाउन में ग्वालियर वालों में काफी बदलाव देखने को मिला और अभी काफी बदलाव की जरूरत है। उन्हें इसके लिए तैयार होना पड़ेगा कि देश- दुनिया अब पहले जैसी नहीं रह जाएगी। लोगों को शारीरिक दूरी का परिचय देना होगा।
सेहत और सफाई के प्रति सतर्क रहना होगा। दैनिक व्यवहार और सामाजिक तौर-तरीके बदलने होंगे। जगह-जगह थूकने की जोगंदी आदत है वह अब अपराध के दायरे में आ गई है और इस आदत को भुलाना होगा।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
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