दाल बाजार में खेरिज किराना लेने पहुंचे लोग लौटे वापस

Apr 16 2020

ग्वालियर। लॉकडाउन के दूसरे चरण में किराना कारोबारियों को सरकार ने राहत देते हुए ऐलान किया है कि 20 अप्रैल से किराना कारोबारियों को दुकानें खोलने की अनुमति मिलेगी, जिससे दुकानदारों के चेहरे खिल गए हैं, लेकिन दाल बाजार के खेरिज कारोबारी अपनी दुकानों के डाउन शटर इसलिए नहीं उठाना चाह रहे हैं क्योंकि उन्हें कारोबार करने की अनुमति मिलने के बाद भी कारोबार नहीं करने दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने दाल बाजार में थोक और खेरिज कारोबारियों को कारोबार करने के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित किए हैं। गुरुवार को खेरिज कारोबारियों को कारोबार करना था, लेकिन उन्होंने अपने शटर इसलिए नहीं उठाए कि पुलिस सामान बेचने से रोक रही है। दाल बाजार में थोक की लगभग 260 दुकानें हैं तो खेरिज की 70, जिनमें से आज केवल 13 दुकानों के शटर उठे।
दुकानदारों का कहना है कि जब ऑनलाइन ही बेचना है तो दुकान पर बैठकर क्या फायदा। लॉकडाउन के चलते किराना की दुकानों के शटर गिरे हुए हैं जिससे कई घरों का राशन खत्म हो गया है और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा दाल बाजार व्यापार समिति से चर्चा कर किराने की दुकानें खुलवाई गई हैं लेकिन गुरुवार को इन दुकानदारों पर लोग राशन खरीदने पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें डंडे के बल पर भगा दिया। दाल बाजार व्यापार समिति भी व्यापारियों से आग्रह कर रही है कि वह खेरिज में राशन नहीं बेचें जिससे कुछ दुकानदारों में नाराजगी भी बनी हुई है।
जिला प्रशासन द्वारा शहरवासियों को आसानी से राशन उपलब्ध हो सके इसके लिए दाल बाजार व्यापार समिति से चर्चा करने के बाद बाजार को दो भागों में बांट दिया है। गुरुवार को खेरिज कारोबारियों को कारोबार करने की अनुमति दी गई, लेकिन सुबह यह दुकानदार सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपना व्यापार कर रहे थे तभी पुलिस ने इनके शटर डाउन करा दिए।
पुलिस अफसरों का कहना था कि खेरिज कारोबारी ऑनलाइन विक्रेताओं को ही राशन उपलब्ध करा सकते हैं। दाल बाजार में सुबह से ही ट्रैफिक डीएसपी नरेश अन्नोटिया सहित पुलिस अधिकारी व दाल बाजार व्यापार समिति के गोकुल बंसल, मनीष बांदिल, महेंद्र साहू, दिलीप पंजवानी, वेदप्रकाश गोयल, श्याम बंसल, योगेश गोयल, विवेक जैन, दीपू व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं।