राहत मिली तो भूले सोशल डिस्टेंस

Apr 15 2020

ग्वालियर। लॉकडाउन की अवधि बढऩे के बाद लोगों को चिंता सता रही है कि जरूरत का सामान मिलेगा भी या नहीं, जिसके चलते वह बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे। पुलिस अफसर भी लोगों की परेशानी देखते हुए राहत दे रही है और जिला प्रशासन ने दाल बाजार में किराना की दुकान खुलवा दी हैं तो जगह-जगह सब्जी भी बिकवाना शुरू कर दी है।
लॉकडाउन में राहत मिलने के बाद लोग शारीरिक दूरी बनाने के बजाए पास-पास में खड़े हैं और पुलिस अफसर जब इन्हें हड़का रहे हैं तो यह सुनने को तैयार नहीं है। शारीरिक दूरी नहीं होने से पुलिस अफसर चिंतित हैं कि कहीं ऐसा न हो किसी व्यक्ति को महामारी हो और उसके कारण कई लोग संक्रमित हो जाएं। कोरोना जैसी महामारी को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मई तक लॉकडाउन की घोषणा करने के साथ ही 7 वचन निभाने की बात कही है, लेकिन इन वचनों को लोग निभाने के बजाए मखौल उड़ा रहे हैं। 
सोशल डिस्टेंस बना रहे इस शर्त पर व्यापारियों को कारोबार करने की अनुमति दी गई है लेकिन न तो व्यापारी व्यवस्था बना रहे हैं और न ही सामान खरीदने के लिए आने वाले ग्राहक। सब्जी मंडी हो या दूध की दुकान हर जगह ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही है। यही हाल इन दिनों बैंकों के बाहर है। 
हितग्राही जन-धन खाते के 500 रुपए निकालने के लिए सुबह 6 बजे से बैंकों के बाहर डेरा डाले हुए हैं। कियोस्क सेंटर पर बुधवार को आलम यह था कि सैकड़ों की सं या में हितग्राही खड़े हुए थे। सब्जी के ठेलों और फलों के ठेलों पर भी सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं हो रहा था, जिस पर संबंधित थानों के थाना प्रभारियों ने नाराजगी जताते हुए सड़क पर खड़े ठेलों को खदेड़ दिया।                           
जनप्रतिनिधि भी पीछे नहीं
मु त का राशन लेने के लिए लोग अपनी जान की परवाह नहीं कर रहे हैं और दूसरों की जान को भी खतरा पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। प्रशासन द्वारा राशन की व्यवस्था गरीबों के लिए की जा रही है इसके बाद भी जनप्रतिनिधि मु त का राशन अपनी राजनीति चमकाने के लिए बंटवा रहे हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करा रहे हैं। शहर व देहात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है और नगर निगम के चुनाव भी नजदीक आ रहे हैं। चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों को निर्धन व असहायों की याद आ गई है और वह मु त का राशन भीड़ लगवाकर बंटवा रहे हैं। इन दिनों मुस्लिम और निचली बस्तियों में सबसे ज्यादा राशन की सप्लाई की जा रही है। आलम यह है कि शहरभर में गरीबों को राशन उपलब्ध कराने के नाम पर कुछ किलो आटा और दाल, चावल व नमक के पैकेट दिए जा रहे हैं। मु त का राशन लेने के लिए लोग सोशलडिस्टेसिंग को भूलकर भारी भीड़ लगा रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी कोई पहल नहीं कर रहे।                   
 बैंक और कियोस्क के बाहर घंटों इंतजार
जन-धन खाते के 500 रुपए निकालने के लिए सुबह 6 बजे से हितग्राहियों की भीड़ लगी है और आलम यह है कि सैकड़ों लोग कतार लगाकर कियोस्क खुलने का इंतजार किया। बैंकें सुबह 10 बजे खुली लेकिन हितग्राही सुबह 6 बजे से ही डेरा डालें खड़े थे। यह हाल इन दिनों शहर की सभी बैंकों और कियोस्क सेंटरों पर देखने को मिल रहा है, जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना तो दूर एक दूसरे को धकियाते हुए लोग नजर आ रहे हैं, जिससे कई बार विवाद की स्थिति भी बन रही है। मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती होने के कारण बैंकों में ताले लटके हुए थे जिससे लोगों को परेशानी हुई थी। आज बैंकें खुलने से पहले ही 500 रुपए निकालने के लिए हितग्राही पहुंच गए थे। कई जगह जाम की स्थिति भी बनी रही।