महापुरुषों का जीवन चरित्र पढऩे से आपके कष्टों में कमी आ जाएगी-मुनिश्री

Apr 13 2020

ग्वालियर। जब भी आपके जीवन में कष्ट आये तो आप प्रथमानुयोग को पड़े महापुरुषों का जीवन चरित्र पडऩे से आपके कष्टों में कमी आ जाएगी। आज आप जिस पर्याय में हैं उससे संतोष धारण कर अपनी आय का 10 प्रति. भाग अवश्य ही दान करना चाहिये। एवं जीवन में कोई न कोई नियम अवश्य लिया जाना चाहिये। न जाने कव इस पर्याय का अंत हो जाऐ। उपरोक्त उद्गार मुनि श्री विहर्ष सागर जी महाराज ने सोमवार को तानसेन नगर स्थित न्यू कालोनी में धर्मचर्चा में व्यक्त किये। मुनिश्री विजयेश सागर महाराज भी मौजूद थे।
    मुनि श्री ने कहा कि छोटे से छोटा नियम भी लो लेकिन उस नियम का कट्टरता से पालन अवश्य करना चाहिये। भले ही आपके प्राण क्यू न निकल जाए। जो नियमों का कट्टरता से पालन करते हैं तो वह नियम आपका उपकारी वन जाता हैं। आजकल के जो पड़े लिखे लोग होते हैं वह अपनी ढेड़ अक्ल को ज्यादा चलाते हैं और इस प्रकार के नियम को परिस्थिती जन्य छोडऩे की सलाह देते हें, लेकिन जो कम पड़े लिखे लेकिन  श्रद्धावान लोग  होते हैं वह इस प्रकार किसी मुनिराज से लिये गये नियमों को अपना सौभाग्य मानकर कट्टरता से पालन करते हैं! अच्छे व्यक्तिओं के संपर्क में रहने से कुछ न कुछ अच्छाईयां उसके जीवन में आ ही जाती हैं, इसलिये जंहा तक वने जीवन में कभी गलत संगति में नहीं पडऩा चाहिये।
  मुनि श्री ने कहा कि धर्म ध्यान नहीं करते हुये, टी व्ही, मोवाईल से अपना टाईम पास करने लग जाते हैं, यह उचित नहीं हें! इससे आपको पुण्य नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यदि किसी के कभी भी कोई दान के परिणाम हों तो आप कभी किसी के परिणाम दान के हों तो कभी भी अंतराय नही डालना चाहिये।
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज कोरोना वायरस को हराने के लिए प्रतिदिन अनुष्ठान कर रहे है। आज मुनिश्री ने विशेष मंत्रो का उच्चारण कर भगवन शांतिनाथ का अजय जैन व विजय जैन अमन जैन ने अभिषेक ओर शांतिधारा की। अभिषेक के उपरांत आरती की गई।