सब्जियों के वाहन रोकने से किसान परेशान

Apr 11 2020

ग्वालियर।ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जियों का पर्याप्त उत्पादन होने के बावजूद किसान अपनी सब्जियां नहीं बेच पा रहे हैं। थोक मंडी बंद होने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई है। इस समस्या से खास तौर से छोटे किसान ज्यादा परेशान हैं। वे दिन में सब्जियों की तुड़ाई कर दूसरे दिनसुबह खुदरा विक्रेताओं को बेचने के लिए लाते हैं लेकिन लॉकडाउन के लिए बनाए सीमा नाकों पर इन किसानों को शहर आने से रोका जा रहा है। सब्जी उत्पादक किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में उन्हें अपनी उपज बेचने पर दाम भी नहीं मिलता साथ ही पूरी उपज भी नहीं बिक पाती। इसलिए उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रशासन द्वारा दूध और सब्जी के लिए सुबह 9 बजे तक राहत दी गई है। सब्जी विक्रेताओं से कहा गया है कि वह सड़क पर ठेले खड़े नहीं करेंगे। गली-मोहल्ले में चलते- फिरते हुए घर-घर सब्जी पहुंचाएंगे।
सब्जी कारोबारी सब्जी नहीं आने के कारण परेशान हैं तो किसान अपनी मेहनत से उगाई हुई सब्जियों को शहर में सप्लाई नहीं होने के कारण पशुओं को खिला रहे हैं या फिर खेतों से ही नहीं काट रहे हैं, जिससे सब्जियां सड़ रही हैं। कुलैथ में रहने वाले किसान ने बताया कि उनकी ककड़ी, फूलगोभी निकल रही है वे ट्रैक्टर ट्रॉली पर लादकर जब बेचने निकलते हैं तो तिघरा रोड पर ही पुलिस रोककर वापस कर देती है। माल नहीं बिक पाने के कारण खेत में सब्जियों का ढेर लग गया है। 
एक अन्य किसान का  कहना है कि उनके यहां तुरई धनिये की फसल है लेकिन वह शहर में नहीं बेच पा रहे हैं, इसी तरह तिघरा के पास रहने वाले किसान का कहना है कि पुलिस हर नाके पर खड़ी है और सब्जियों को साइकिल से भी नहीं जाने दे रही है।उसका कहना है कि उनके खेत में भिंडी निकल रही है। इसी समस्या का सामना उन्हें करना पड़ रहा है। शहर की सीमा से माल लौटाया जाता है तो उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।                           
नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा उत्पादकों को सब्जी लाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और बाजारों में जो सब्जी आ रही है, वह चोरी छिपे या फिर नाकों पर तैनात जवानों की सांठगांठ से आ रही है जिसके चलते सब्जी कारोबारियों ने तीन गुना दाम बढ़ा दिए हैं। बाजार में आलू 40 रुपए किलो मिल रहे हैं, भिंडी, तुरई 100 के पार है। हरी मिर्च भी 100 रुपए किलो बिक रही है और अदरक 200 रुपए किलो बेचा जा रहा है। इसके साथ ही अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। गली-मोहल्लों में सब्जी बेचने वाले मुंह मांगे दाम मांग रहे हैं।                  
शहर में सब्जी की सप्लाई नहीं हो सके इसके लिए पुलिस के प्वाइंट तैनात किए गए हंै। प्वाइंटों पर तैनात पुलिस के जवान साइकिल से लेकर बाइक और ऑटो तक को रोककर वापस लौटा रहे हैं। बाइक या साइकिल पर सब्जी लदी होती है तो वह वापस कर देते हैं लेकिन खाली वाहन होते हैं तो उन्हें नहीं रोका जाता। शहर के तिघरा रोड, मोतीझील, बदनापुरा, बेला की बावड़ी, गिरवाई, अजयपुर सहित कई प्वाइंटों पर पुलिस के जवान तैनात हैं।
शहरभर में सब्जी की सप्लाई करने वाले सब्जी कारोबारी भी सब्जी खरीदने के लिए रात को ही खेतों में पहुंचना शुरू हो जाते हैं और भौर होने से पहले चोरी छिपे सब्जी लेकर आ रहे हैं। नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों से यह सब्जी विक्रेता सांठगांठ करने में पीछे नहीं हैं। शहर के आसपास खेतों में सब्जी खरीदने के लिए कई आढ़तिया पहुंच रहे हैं तो कई ठेले वाले भी पहुंचकर सब्जी की खरीदारी करने के बाद चोरी छिपे शहर में लेकर आ रहे हैं।
आढ़तिया भी हुए हैं सक्रिय
कई दुकानदारों को सब्जी पहुंचाने के लिए आढ़तिया भी सक्रिय हैं और उनकी दुकानों में पहले से आलू, प्याज, कद्दू जैसी सब्जियां रखी हुई हैं वह रात के अंधेरे में मंडी में पहुंचकर इन्हें निकालकर बाजारों में पहुंचा रहे हैं। लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी में मंडी बंद होने से पहले प्याज, आलू और लहसुन की बोरियों की बोरियां रखी हुई थी, जिन्हें यह आढ़तिया अपने वाहनों में रखकर बाजारों में ऑर्डर लेकर सप्लाई कर रहे हैं और दाम भी ऊंचे ले रहे हैं।