हनुमान जयंती पर बंद दरवाजों में विधि विधान से हुआ अभिषेक

Apr 08 2020

ग्वालियर। दीन-दुखियों का संकट हरने वाले संकटहर्ता रामदूत हनुमानजी के जन्मोत्सव पर दर्शन करने के लिए भक्त सुबह से पहुंचे लेकिन शहर के अधिकांश मंदिरों के पट बंद होने से दर्शनार्थियों ने बाहर से ही दर्शन करते हुए कहा कि हे संकटहर्ता कोरोना के संकट को भी हरो ना।
बुधवार को हनुमान जयंती पर कई भक्त सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गए तो पुजारियों ने भी विधि-विधान के साथ पवन पुत्र का अभिषेक कर शृंगार किया। कोरोना के संकट के चलते  हनुमान जयंती पर मंदिरों के पट बंद है। सुबह 6 बजे पुजारियों ने मंदिरों को खोला और हनुमानजी की पूजा अर्चना कर शृंगार किया। इस दौरान पहुंचे भक्तों को बाहर से ही वापस कर दिया गया। भक्त भी मु य द्वार से ही दर्शन कर मनोकामनाएं मांगकर लौट गए।
गरगज कॉलोनी में बटी प्रसादी
हनुमान जयंती पर बुधवार को गरगज हनुमान मंदिर और बालाजी धाम मंदिर में विधि-विधान के साथ अभिषेक किया गया। पं. किशोर शर्मा और सतीश सोनी ने बताया कि बालाजी धाम में बालाजी धर्मार्थ सेवा समिति द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाला भंडारा नहीं हुआ तो समिति के सदस्यों ने 300 पैकेट भोजन के तैयार कर बहोड़ापुर थाने की मदद से गरीब और असहायों को प्रसादी के रूप में वितरित कराए।                             
लगी रही मंदिरों में भीड़
 हनुमान जयंती पर दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। मंदिर के पट बंद होने के कारण बाहर से ही प्रसाद चढ़ाना पड़ा और दर्शन करना पड़े। प्रशासन द्वारा सुबह 6 बजे से 9 बजे तक दूध और सब्जी के लिए राहत दी है, इसी का फायदा उठाते हुए दर्शनार्थी मंदिर पहुंचे और दर्शन कर लौट आए। जिस मंदिर के पट खुले थे वह भी 9 बजते ही बंद हो गए।