सुबह 9 बजे से पहले दूध, ब्रेड लेने बाजारों में रही भीड़ गलियों में पुलिस को देख लगाई दौड

Apr 07 2020



ग्वालियर। गलियों में खुली दुकानों को बंद कराने के लिए पुलिस मंगलवार को स त दिखी और जो गली मोहल्लों में दुकानों के शटर उठे थे उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान फल, सब्जी बेचने वालों पर भी पुलिस स त नजर आई और कई ठेले वालों पर कार्रवाई करते हुए तराजू, बांट जप्त कर लिए।
लॉकडाउन के दौरान मेडिकल, पेट्रोल पंप और दूध की दुकानों को राहत दी गई है लेकिन कई किराने की दुकानें खुली हुई थीं, जिन्हें पुलिस ने बंद करा दिया और हिदायत दी कि दुकान खोली तो कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी। इस दौरान गली मोहल्लों में दुकानें खुलने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस कप्तान ने सभी थाना प्रभारियों को सड़कों के साथ-साथ गलियों में भी पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए। मंगलवार सुबह माधौगंज पुलिस चितेराओली, दर्जीओली सहित कई गलियों में पहुंची जहां हाथ ठेले खड़े थे उन पर कार्रवाई की और गली में घूम रहे लोगों को खदेड़ दिया।
हो रही होम डिलेवरी
शहर बंद के दौरान किराने का सामान लेने के लिए किसी को परेशान नहीं होना पड़े इसके लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने होम डिलेवरी व्यवस्था शुरू की है। भोजन सप्लाई करने वाली जोमेटो और स्वीगी पर लोग राशन लेने के लिए बुकिंग करा रहे हैं तो वहीं विशाल मेगामार्ट, रावलदास, चाचा जनरल स्टोर सहित शहर के 2 दर्जन स्थानों से होम डिलेवरी की जा रही है।
फटकारे डंडे, लगवाई उठक बैठक
समझाइश के बाद भी लोग पुलिस की सुनने को तैयार नहीं हैं और सड़कों पर भीड़ लगा रहे हैं तो कई लोग सड़कों पर तफरीह कर रहे हैं जिनकी पुलिस ने खातिरदारी डंडे से की तो कई लोगों को उठक बैठक भी लगवाई।
दुकान के बाहर ही बेचो दूध-ब्रेड
मंगलवार सुबह कई दुकानों के शटर खुले हुए थे और पुलिस जैसे ही इन दुकानों पर पहुंची तो दुकानदारों का कहना था कि वह तो दूध की सप्लाई कर रहे हैं और 9 बजे दुकान बंद कर देंगे। पुलिस ने दुकानदारों को हिदायत दी कि वह ब्रेड, बिस्किट बेचें। शटर खुला तो धारा 188 के तहत धर लिए जाओगे।
लॉकडाउन के दौरान सुबह 6 से 9 बजे तक दूध की दुकानें खुलने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा दी गई जिसके चलते सांची पार्लर, अमूल दूध पार्लर की दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही थी तो दूधिए भी दुकानों पर दूध लेकर पहुंचे। इन दुकानों पर सुबह से ही दूध खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी थी। लोगों को भय था कि 9 बजने के बाद दुकानें बंद न हो जाएं।