मंदिरों में भक्तों बिन जन्मे राम रघुराइ

Apr 02 2020

ग्वालियर। दशरथ नंदन भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव  गुरुवार को उत्साह के साथ मनाया गया और घर-घर दीपक जलाकर भगवान श्रीराम का जन्म मनाते हुए शहरवासियों ने कोरोना महामारी से निजात दिलाने की कामना की।   जगतजननी मां दुर्गा की विदाई हो रही है। गुरुवार  2 अप्रैल को शुभ संयोगों में भगवान श्रीराम का जन्म मनाया गया और घरों में घंटे-घडिय़ाल गूंजे। भगवान श्रीराम के जन्म के लिए मंदिरों में पहले से ही तैयारियां की गई थी लेकिन यह तैयारियां लॉकडाउन के चलते धरी की धरी रह गईं। मंदिरों में ताले लटके हुए हैं जिससे मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मंदिरों में नहीं मना लेकिन लोगों ने घरों में घड़ी की सुई में 12 बजते ही श्रीराम का जन्म मनाया।
भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि का संयोग भी बन रहा है। सुबह-सुबह महामाई को विदाई देने के साथ ही भगवान श्रीराम के दर्शन करने के लिए भक्त मंदिर पहुंचे लेकिन इनकी सं या न के बराबर थी। भगवान श्रीराम का जन्म दोपहर 12 बजे हुआ लेकिन भक्त दर्शन करने के लिए सुबह 9 बजे से पहले ही पहुंच गए। लॉकडाउन के चलते जिला प्रशासन ने दूध और सब्जी के लिए राहत सुबह 6 बजे से 9 बजे तक दी है। इसी का लाभ उठाते हुए दर्शनार्थियों ने भगवान श्रीराम के दर्शन कर प्रार्थना की। इस महामारी से जल्द से जल्द निजात दिलाएं जिससे आपके पट खुल सकें और बंद पड़े कारोबार शुरु हो सकें।
फालका बाजार स्थित भगवान श्रीराम का प्राचीन मंदिर और यहां रामनवमी पर हर वर्ष मेले का आयोजन किया जाता है लेकिन लॉकडाउन के चलते आज मंदिर में सन्नाटा पसरा रहा। पुजारी ने भगवान श्रीराम का विधि-विधान के साथ अभिषेक किया और इसके बाद विशेष ऋृंगार कर आरती उतारी। सनातन धर्म मंदिर में भी पुजारी ने अभिषेक कर श्रृंगार किया।