लॉकडाउन के बीच सुबह 6 से 9 बजे तक खुला बाजार

Apr 02 2020

ग्वालियर। कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए चेन तोडऩा जरूरी है और लोग घरों में कैद रहें इसके लिए पुलिस व जिला प्रशासन सड़कों पर घूम रहा है। प्रशासन ने राशन और सब्जी के थोक कारोबारियों को दो दिन तक पूरा लॉक करने के लिए कहा है। कुछ मेडिकलऔर पेट्रोलपंप को खुला रखने के आदेश देने के साथ-साथ दूध और हाथ ठेलों से सब्जी की सप्लाई सुबह 9 बजे तक की जा रही है।
दूध, सब्जी और मेडिकल स्टोरों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। गुरुवार को लॉकडाउन के दौरान दवाइयां खरीदने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा था तो वहीं दूध की दुकानों पर अच्छी-खासी भीड़ लगी थी। कई दुकानदारों ने प्रशासन के आदेशानुसार गोले बनाकर ग्राहकों को खड़ा कराया और सोशल डिस्टेंस का पालन किया तो कई दुकानदारों ने इसे नजरअंदाज किया। 
छत्री बाजार स्थित दिलीप डेयरी पर दूध लेने के लिए ग्राहकों की भीड़ लगी थी। डेयरी संचालक द्वारासोशल डिस्टेंस का पालन कराते हुए तीन कतारें लगवाई गईं और वाहनोंको दुकान से दूर खड़ा कराया जा रहा था। ढोलीबुआ के पुल पर दूध की दुकान पर भीड़ थी लेकिन सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं होरहा था। माधौगंज में सोहन डेयरीके शटर डाउन थे और दूधिए दुकानके बाहर रखकर दूध बेच रहे थे।
गांधी मार्केट पर मेडिकल स्टोर पर दवा लेने के लिए आधा सैकड़ा लोग दो कतार में खड़े थे। जेएएच के सामने मेडिकल स्टोरों पर भी यही हाल था। सब्जी और फलों के ठेलों पर लोगों की भीड़ थी लेकिन सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा था। पुलिस के आते ही यह ठेले गलियों में घुस गए।
एसपी तक पहुंची शिकायत
गुरुवार को माधौगंज में किराने की दुकानें खुली हुई थीं तो कई जनरल स्टोर की दुकान पर भी दुकानदार कारोबार कर रहे थे। गुरुवार नवरात्रि का आखिरी दिन और रामनवमी होने से किराना की दुकान पर पूजाका सामान खरीदने सबसे ज्यादा भीड़ लगी थी। कुछ लोगों ने इसकीजानकारी पुलिस कप्तान नवनीत भसीन को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस कप्तान ने तत्काल वायरलैस के माध्यम से सर्किल के सीएसपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारियों को आदेशित किया कि जो दुकानें खुली हैं। पुलिस कप्तान ने तत्काल इन दुकानदारों पर एफआईआर करने के निर्देश दिए। कप्तान की नाराजगी के बाद थाना प्रभारी सक्रिय हुए और दो दुकानदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
ह माल-पल्लेदारों का बुरा हाल
लॉकडाउन के चलते मजदूर परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इन परिवारों को सामाजिक संस्थाएं भोजन तो वितरण कर रही हैं लेकिन वह भी पूरी तरह से लोगों के पास नहीं पहुंच पा रहा है। लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी दो दिन से बंद है और इस मंडी में 3सैकड़ा से ज्यादा ह माल और पल्लेदार सब्जियों को इधर से उधर पहुंचाते हैं। मंडी बंद होने के कारण इनका बुरा हाल है। वहीं गल्ला मंडी बंद होने के कारण मजदूरों को पिछले 2 सप्ताह से काम नहीं मिला है। दाल बाजार में दुकानों के शटर डाउन होने के कारण मजदूरों की परेशानी बढ़ गई है।
पल्लेदारों और मजदूरों पर संकट छाया हुआ है तो वहीं यात्री वाहन चलाने वाले ड्राइवर भी अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए परेशान हो रहे हैं और हाथठेला लगाकर चाय, नाश्ता बेचते हैं वह भी परेशान होने लगे हैं।