मैनेजमेंट को इंटर जिला परमीशन मिले तो वेतन बंटे

Mar 29 2020

ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल संभाग के विभिन्न उद्योगों में कार्यरत लगभग 20 से 30 हजार श्रमिकों के सामने अब लॉक डाउन के चलते वेतन का संकट उत्पन्न हो गया है। उद्योग प्रबंधकों को अभी तक प्रशासन की ओर से इंटर जिला पास नहीं दिये गये हैं, जिससे प्रबंधन के अधिकारी अपने प्लांट नहीं जा पा रहे हैं और फैक्ट्रियां पूरी तरह से बंद पडी हुई हैं। 
ग्वालियर-चंबल संभाग के उद्योगों में सबसे बडी परेशानी यह है कि मुरैना जिले के बानमौर, भिंड जिले के मालनपुर में देशभर के प्रमुख औद्योगिक प्लांट स्थापित हैं। लेकिन इनके संग सबसे बडी दिक्कत यह है कि इन औद्योगिक प्लांटों के श्रमिक व अधिकारी ग्वालियर में निवास करते हैं। जिस कारण इन श्रमिकों व फैक्ट्री को इंटर जिला अनुमति पत्र की जरूरत है और वह जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं। 
जबकि भिंड और मुरैना जिले ने अपने यहां स्थित प्लांटों के मैनेजमेंट को यह अनुमति पत्र अपने जिले के लिये तो जारी कर दिये हैं, लेकिन ग्वालियर प्रशासन की ओर से अभी यह जारी नहीं किये गये हैं। जबकि उद्योग प्रबंधक व श्रमिकों को बानमौर, सीतापुर व मालनपुर जाने के लिये इंटरजिला अनुमति पत्र की जरूरत है। 
इंटरजिला अनुमति पत्र मिलने पर फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिकों व उनके मैनेजमेंट स्टाफ को वेतन मिल पायेगा, अन्यथा सभी को वेतन के लाले पड़ सकते हैं। 
फूड फैक्ट्रियां भी बंद लॉक डाउन व देश के हालात के चलते खाद्य पदार्थों से संबंधित उद्योगों का चलना जरूरी है, ताकि खान-पान के सामानों की आपूर्ति बनी रहे। लेकिन इन खाद्य पदार्थों से संबंधित उद्योगों को भी अभी तक परमीशन नहीं दी गई है। ग्वालियर जिला प्रशासन को तत्काल ऐसे मामलों में ध्यान देना चाहिये।