शहर में खाद्य सामग्री की कालाबाजारी जोरों पर

Mar 29 2020

ग्वालियर। शहर में कोरोना वायरस के चलते छोटे बड़े सभी दुकानदारों के द्वारा खाद्य सामग्री की बड़े स्तर पर कालाबाजारी की जा रही है, प्रशासन के स त निर्देशों के बावजूद यह कारोबारी और दुकानदार पहले से ही कॉरोना वायरस से त्रस्त जनता से सभी जरुरी और गैरजरूरी समान की मुंह मांगी कीमत वसूल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मु यमंत्री शिवराज सिंह और प्रशासन ने जहां खाद्य सामग्री की कालाबाजारी ना करने के आदेश जारी कर रखे हैं, लेकिन इन आदेशों पर अमल करने के इन्होंने कोई इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे इन कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। आम आदमी की सबसे प्राथमिक जरूरत रोटी है और इस रोटी की बनाने के लिए गेहूं या आटे की जरूरत इस समय सबसे ज्यादा है और बाजार में कुछ दिन पहले तक आटा और गेहूं जहां आसानी से 25 से 28 रूपए प्रतिकिलो में उपलध था वो अचानक बाजार से गायब हो गया है। आम आदमी को पहले तो गेहूं या आटा मिल ही नहीं रहा है और अगर मिल भी रहा है तो 35 से 40 रूपए प्रतिकिलो के भाव पर कई जगह तो हालात इतने खराब हैं कि लोग 40 रूपए के भाव में भी इसे खरीदने को तैयार हैं लेकिन फिर भी ये कालाबाजारी करने वाले आमजन को सामग्री ना देकर अपने प्रियजनों और पहचान वालों को ही उपलध करा रहे हैं, प्रशासन भी इस समय आँख मूंदकर बैठा है खाद्य विभाग भी खामोश है, ऐसा नहीं है कि इन सभी खाद्य सामग्री की कालाबाजारी होने का पता इन विभागों और प्रशासन को नहीं है लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई ना होना इन विभागों की मिलीभगत को उजागर करता है। कुछ कारोबारी दबी जुबान में कह भी रहे हैं कि सबको खिलाना पड़ रहा है। अगर जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने इस ओर जल्द ही ध्यान नहीं दिया तो ऐसा ना हो कि पहले से ही कोरोना वायरस से त्रस्त आमजन का आक्रोश उमड़ पड़े।