24 घंटे में फिर बरसात की संभावना

Mar 28 2020

ग्वालियर। इस बार मौसम का मिजाज अजीबो गरीब बना हुआ है, हालात यह हैं कि जिस मौसम में लोग गर्मी मिटाने के लिए पंखे और कूलर का सहारा लेने लगते थे, यही नहीं छत और आंगन में बिस्तर डालकर सोने का सिलसिला शुरु हो जाता था, उन्हें रजाई ओढऩी पड़ रही है, यही नहीं मौसम के जानकार जिस तरह की संभावना जता रहे हैं उसके चलते फिलहाल इस तरह के हालात से छुटकारा मिलेगा ऐसा लगता नहीं, बल्कि बरसात और ओलों की जो बात की जा रही है उससे शहर की फिजा में उतार -चढ़ाव के हालात बने रहेंगे। दो सिस्टम अब भी सक्रिय हैं जो शहर के मौसम को अभी 72 घंटे और प्रभावित करेगा। आमतौर पर दिसंबर, जनवरी और आधी फरवरी के बाद शहर से सर्दी विदा होने लगती थी और लगातार दो से तीन माह सर्दी से ठिठुरने के बाद लोग हाथ पैर खोलने लगते थे, लेकिन इस बार बदमिजाज मौसम उन्हे इसके लिए कतई छूट नहीं दे रहा, बल्कि सूरज के तेवरों के हल्का सा तल्ख होते ही उस पर पानी फिर जाता है और पारा तो औंधें मुंह गिरता ही है,लोगों को फिर घर में धकेल देता है।                      
पूर्वी-पश्चिमी राजस्थान में ऊपरी चक्रवात बन रहा है जो कि शहर के मौसम को प्रभावित कर रहा है, वहीं कर्नाटक और चैन्नई में बना सिस्टम शहर में सक्रिय हो गया है, जिससे फिर तेज गरज के साथ बरसात की संभावना जताई गई है। यही नहीं कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिर सकते हैं। इस तरह के हालात अभी लगातार बने रहेंगे, यानि अपै्रेल में भी बरसात और बादल छाने का सिल्सिला जारी रहेगा।
मौसम की इश बदमिजाजी ने किसानों के चेहरे पर शिकन डाल दी है। उनके द्वारा लगाई गई, गेहूं और सरसों की फसलें या तो तैयार खड़ी हेंै, या फिर उनकी कटाई की जा रही है, लेकिन 24 घंटे में हुई बरसात का पानी खेतों में भर गया है, इससे कटाई का काम तो प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही इन फसलों के बर्बाद होने को लेकर भी वह परेशान हैं।