बरसा पानी, शहर तरबतर

Mar 27 2020

ग्वालियर। मौसम के जानकारों द्वारा जताई गई संभावना शुक्रवार सुबह सच साबित हो गई, जबकि अलसुबह से ही आसमान पर छाए घने बादलों ने बरसना शुरु कर दिया, यह सिलसिला काफी देर तक चला, इसके बाद भी रुक-रुक कर हल्की बरसात और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने से शहर बेमौसम बरसात से तरबतर हो गया। मौसम में बदलाव गुरुवार देर रात से ही तेज हवा और बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ शुरु हो गया था, रातभर में बादलों ने लामबंदी की और सुबह अपना असर दिखा दिया। इसके चलते लोगों को भीगते हुए घर से निकलकर अपने जरूरी काम निपटाने पड़े, क्योंकि कोरोना के कारण 12 बजे के बाद घर से बाहर आने की छूट नहीं होगी।
यह रहा मौसम का मिजाज बीते कई दिन से सामान्य से अधिक चल रहा न्यूनतम पारा आज सामान्य स्थिति में आ गया। यह 17.7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बारिश और हवा के साथ बढ़ी नमी के कारण आद्र्रता 92 प्रतिशत पर पहुंच गई। रात से सुबह तक बरसात 8.4 मिलीमीटर दर्ज हुई, वहीं इस माह में अब तक बारिश का आंकड़ा 40.5 मिलीमीटर पर पहुंच गया। लगातार तीन दिन से शहर में असर दिखाने का प्रयास कर रहे पश्चिमी विक्षोभ ने अपना असर दिखा दिया। इसके पीछे बड़ा कारण साउथ गुजरात से कर्नाटक और साउथ-वेस्ट राजस्थान में अपर सर्कुलेशन बन गया है। यह मिलाजुला सिस्टम शहर में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।
आने वाले 72 घंटे तक यह शहर को अपने दायरे में रखेगा, जिसके चलते तेज बरसात तो होगी ही साथ ही मौसम के जानकारों का कहना है कि ओले भी गिरेंगे। साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही तेज हवा भी लगातार सक्रिय रहेगी। जिससे न्यूनतम और अधिक तम पारा गिरेगा। वहीं पूरे समय बादल छाए रहेंगे।
सर्दी, गर्मी, बरसात एक साथ
शहर के लोग भी मौसम के इस मिजाज को लेकर पसोपेश में हैं। उन्हें मार्च जैसे गर्मी वाले मौसम में गर्मी, सर्दी और बरसात एक साथ देखने को मिल रहीं हैं। अधिकांश का कहना यह है कि उन्होंने पहले कभी मार्च में इस तरह का मौसम नहीं देखा। यही नहीं मौसम के जानकार भी इस बात से सहमत दिखाई दे रहे हैं।