पेट्रोल, डीजल की खपत हो गई कम, नहीं आ रहे ग्राहक
Mar 24 2020
ग्वालियर। ईंधन भराने के लिए पेट्रोलपंपों पर सबसे ज्यादा भीड़ नजर आती है लेकिन इन दिनों आलम यह है कि वाहन नहीं चलने से पेट्रोलपंप संचालकों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले माह की अपेक्षा इस माह पेट्रोल-डीजल की खपत लगभग आधी रह गई है। पेट्रोलपंप संचालकों का कहना है कि लॉकडाउन के चलते वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ रहे हैं और यात्री वाहनों के पहिए थमे हुए हैं जिससे बिक्री नहीं हो रही है। हर रोज डीजल, पेट्रोल भरवाने के लिए दुपहिया वाहन, चारपहिया वाहन व यात्री वाहनों की लाइन लगी रहती थी, लेकिन अब ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। पेट्रोलपंप संचालक अमित सेठी ने बताया कि पिछले माह 28 लाख लीटर पेट्रोल व 55 लाख लीटर डीजल शहर में संचालित होने वाले 57 पेट्रोलपंपों से बिका था लेकिन अभी मार्च माह के 25 दिन में पेट्रोल 17 लाख लीटर और डीजल 32 लाख लीटर बिका है।
कर्मशियल कम, घरेलू सिलेंडरों की बढ़ी बिक्री
आमजन को एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए परेशान नहीं होना पड़े इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर सप्लाई करने का निर्णय लिया है, प्रशासन ने भी इसे जरूरत की सेवा मानते हुए सिलेंडर सप्लाई करने की अनुमति दी है, बाजार बंद के चलते कमर्शियल सिलेंडरों की बिक्री न के बराबर रह गई है जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की बिक्री में 15 से 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। गैस एजेंसी चलाने वाले राजू चौहान का कहना है कि शहर में 32 गैस एजेंसी हैं और लगभग एक एजेंसी से 10 दिन पहले 30 से 35 सिलेंडर कमर्शिलय विक्रय होते थे जो घटकर 3 से 4 रह गए हैं, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की बिक्री में 20 फीसदी इजाफा हुआ है। श्री चौहान का कहना है कि लोगों में भय बना है कि कहीं सिलेंडरों की सप्लाई बंद न हो जाए इसे देखते हुए वह बुकिंग कर स्टॉक कर रहे हैं।
दूध की खपत रह गई ना के बराबर
शहर लॉकडाउन है और लोग घरों में कैद हैं इसके बाद भी दूध की बिक्री बढऩे के बजाए न के बराबर रह गई है। ग्वालियर दुग्ध संघ द्वारा सप्लाई होने वाले दूध में लगभग 50 हजार लीटर की कमी आई है तो वहीं दूधियों से आने वाले दूध में भी एक लाख लीटर की कमी हुई है। दूध कारोबारियों का कहना है कि जब बाजार ही नहीं खुल रहे तो दूध की बिक्री कहां होगी। छतरी बाजार में दिलीप डेयरी के नाम से डेयरी का संचालन करने वाले दिलीप अग्रवाल का कहना है कि हर रोज शहर में खुले दूध की 4 से साढ़े 4 लाख लीटर की सप्लाई होती है, लेकिन यह सप्लाई आधी रह गई है और अब बिक्री और कम हो जाएगी। दिलीप का कहना है कि पनीर, दही और घी की दुकानें नहीं खुलने से बिक्री नहीं हो रही है तो वहीं शहर में संचालित होने वाले चाय के होटलों पर भी ताले लटके हुए हैं। ग्वालियर दुग्ध संघ द्वारा लगभग 2100 क्रेटें दूध की सप्लाई सुबह-शाम की जाती थी जो घटकर 1000 क्रेटें रह गई हैं। एक क्रेट में 24 थैली यानिकि 12 लीटर दूध आता है। अमूल दूध की सप्लाई भी कम हो गई है।
शाम को नहीं आ रहा दूध, बढ़ी परेशानी
शहर लॉकडाउन के दौरान ग्वालियर दुग्ध संघ द्वारा शाम को सप्लाई होने वाला दूध सप्लाई नहीं हो रहा है। ग्वालियर दुग्ध संघ के अधिकारियों का कहना है कि सुबह और शाम की सप्लाई एक साथ ही शहर के सांची पार्लरों पर की जा रही है तो वहीं आसपास के गांव से दूध लेकर आने वाले दूधियों की परेशानी बढ़ गई है। शीतला के पास नयागांव से दूध लेकर आने वाले दूध वालों का कहना कि जानवर तो दूध दे रहे हैं अब इस दूध को कहां ले जाएं तो वहीं सौजना गांव से आने वाले रामखिलाड़ी का कहना है कि शाम के समय पर लगभग 70 हजार लीटर दूध की सप्लाई शहरभर में होती है लेकिन शाम को दूध की सप्लाई नहीं होने से परेशानी बढ़ेगी।
संपादक
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