भगवान की भक्ति रूपी दवा कोरोना वायरस को भी दूर कर देती है-मुनिश्री

Mar 23 2020

ग्वालियर। भगवान की भक्ति वह दवा है जो कोरोना वायरस जेसे रोगों को भी दूर करने में सहायक होती है। अन्य क्रियाओं में प्रमाद कर देना किंतु भगवान की भक्ति में और गुरु भक्ति में कभी भी देरी मत करना। मुर्ख लोग जब बीमार होते हैं तब यहां वहां भटकते हैं, परंतु भगवान के दर पर श्रद्धा से नहीं पहुंचते हैं। यह बात राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने हरिशंकर पुरम ने धर्मचर्चा में कही! इस मौके पर मुनिश्री वियजेश सागर महाराज मोजूद थे! 
मुनि श्रीं ने कहा कि धनंजय कवि के बेटे को सर्प ने डस लिया था। शरीर काला पड़ गया था। कवि ने भगवान की भक्ति की व भगवान के अभिषेक का जल उसके बेटे के ऊपर छिड़क दिया था, उसका बेटा शीघ्र ही स्वस्थ होकर उठ गया था। भगवान की भक्ति में वह शक्ति है, जो विष की पीड़ा दूर कर सकती है तो कोरोना वायरस जैसे रोगों को भी दूर कर सकती है। मुनि श्री ने कहा कि आप भी भगवान की भक्ति, गुरुओं की सेवा श्रद्धा से करना, स्वार्थ से मत करना समस्त प्रकार की बीमारी दूर हो जाएंगी तथा आपको भी स्वर्ग एवं मोक्ष फल की प्राप्ति हो जाएगी!
मुनिश्री ने कहा कि प्रेम को दिखाओ और क्रोध को छिपाओ। अधिकांश देखने में आता है कि लोग परिवार में प्रेम को छिपाकर क्रोध दिखाते हैं। प्रेम तो दिखाने के लिए होता है। क्रोध  को छिपाना शुरू कर दो तो निश्चित ही तु हारी पारिवारिक समस्याओं का अंत हो जाएगा। मुनिश्री ने कहा कि मैं यहां तु हारे अंदर धर्म और अध्यात्म की प्यास जगाने आया हूं, क्योंकि बिना प्यास के धर्म का पथ नहीं मिल सकता। धर्म को आत्मसात करने के लिए पहले हमें अच्छा और सच्चा इंसान बनना होगा। परिवारों में बढ़ती कलह को लेकर मुनिश्री ने कहा कि आज के युग में महिलाएं और पुरुष उपवास करके भूखा रह सकते हैं, लेकिन किसी की जरा सी बात नहीं सुन सकते। पारिवारिक स्तर पर मनुष्य की सहनशक्ति का पतन हुआ है। हम श्रवण संस्कृति के लोग हैं, सुनना हमारी संस्कृति है। 21वीं सदी में वही सुखी होगा, जिसमें सुनने की कला हो।