खड़ताल के साथ संजय कौशिक का तालमेल
Mar 17 2020
इसमें कोई शक नहीं कि कई सारे एक्टर्स अपने किरदार में वास्तविकता लाने के लिये किसी भी हद तक जा सकते हैं। अलग-अलग जोनर, खासकर मायथोलाॅजी में चुनौतियां सबसे ज्यादा होती हैं। भाषा, भारी-भरकम कपड़े और मेकअप के अलावा भी एक्टर को कई बार अपने लुक को पूरी तरह से दिखाने के लिये अलग से कोई एसेसरी या प्राॅप लेना पड़ता है। ऐसा ही एक किरदार ऋषिमुनि नारद का है, जिसे -ज्ट के ‘कहत हनुमान जयश्रीराम’ में संजय कौशिक ने निभाया है। वह हाथों में खड़ताल लिये नजर आ रहे हैं, जोकि एक प्राचीन और प्रमुख वाद्य है। शूटिंग के दौरान नारद के किरदार के लिये यह एक मुख्य प्राॅप होता है। इस बारे में बताते हुए, संजय कहते हैं, ‘‘मुझे म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट बजाने में दिलचस्पी रही है और मुझे यह अच्छा लगता है, लेकिन खड़ताल लेकर शूटिंग करना मेरे लिये थोड़ा मुश्किल हो गया है। इसमें हाथ के काफी सारे मूवमेंट करने पड़ते हैं, लेकिन कई बार मुझे दोनों के साथ तालमेल बिठाने में परेशनी होती है- हाथों के भाव के साथ-साथ डायलाॅग बोलने के दौरान कई बार मेरा ध्यान भटक जाता है। लेकिन सच कहूं तो कोई यह कह सकता है कि मैं उससे तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा हूं। हाथ और मुंह का तालमेल सही तरीके से होना बेहद जरूरी है, जोकि परदे पर सही नज़र आ सकता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है!! इसके लिये बहुत ज्यादा प्रैक्टिस और धैर्य की जरूरत होती है। लेकिन मुझे पूरी उम्मीद कि मैं जल्द ही इसमें माहिर हो जाऊंगा।’’
थियेटर करने के दौरान संजय ने मायथोलाॅजिकल किरदार निभाये हैं, लेकिन शानदार सेट पर बड़े-बड़े प्राॅप के बीच में भूमिका निभाने का अनुभव उससे काफी अलग है। अपने अनुभव के बारे में बताते हुए, संजय कहते हैं, ‘‘टेलीविजन पर मायथोलाॅजिकल किरदार निभाने का यह मेरा पहला मौका है और मेरे लिये अनुभव काफी अच्छा रहा है। कौन ऐसा होगा, जिसे-नारायण नारायण का जाप याद नहीं होगा! हम सब बचपन से इसे सुनते आ रहे हैं और यह किरदार निभाने का मौका मिलना ही अपने आपमें एक आशीर्वाद की तरह है। इस किरदार में थोड़ा बहुत ह्नयूमर भी है, जो इसे मजेदार और दिलचस्प अनुभव बनाता है।’’
‘भक्ति’ के प्रतीक माने जाने वाले और सर्वोच्च देवता भगवान शिव के अवतार, भगवान हनुमान को किसी खास मकसद और काम के लिये धरती पर सबसे ताकतवर बनाया गया। लोगों के जीवन में कई कारणों से भगवान का एक खास स्थान होता है, भगवान हनुमान के लिये भगवान राम के प्रति उनका समर्पण और भक्ति ही थी, जिसकी वजह से उन्हें अब तक का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। उनकी ‘भक्ति’ के सच्चे स्वरूप और ताकत को दर्शाने, तथा उनके समर्पण और शक्ति को बताने के लिये, &TV प्रस्तुत करता है ‘भक्त और भक्ति’ की दिलचस्प कहानी और इसका नाम है ‘कहत हनुमान जयश्रीराम’
देखते रहिये, ‘कहत हनुमान जयश्रीराम’ हर सोमवार से शुक्रवार, रात 9.30 बजे केवल &tv पर
थियेटर करने के दौरान संजय ने मायथोलाॅजिकल किरदार निभाये हैं, लेकिन शानदार सेट पर बड़े-बड़े प्राॅप के बीच में भूमिका निभाने का अनुभव उससे काफी अलग है। अपने अनुभव के बारे में बताते हुए, संजय कहते हैं, ‘‘टेलीविजन पर मायथोलाॅजिकल किरदार निभाने का यह मेरा पहला मौका है और मेरे लिये अनुभव काफी अच्छा रहा है। कौन ऐसा होगा, जिसे-नारायण नारायण का जाप याद नहीं होगा! हम सब बचपन से इसे सुनते आ रहे हैं और यह किरदार निभाने का मौका मिलना ही अपने आपमें एक आशीर्वाद की तरह है। इस किरदार में थोड़ा बहुत ह्नयूमर भी है, जो इसे मजेदार और दिलचस्प अनुभव बनाता है।’’
‘भक्ति’ के प्रतीक माने जाने वाले और सर्वोच्च देवता भगवान शिव के अवतार, भगवान हनुमान को किसी खास मकसद और काम के लिये धरती पर सबसे ताकतवर बनाया गया। लोगों के जीवन में कई कारणों से भगवान का एक खास स्थान होता है, भगवान हनुमान के लिये भगवान राम के प्रति उनका समर्पण और भक्ति ही थी, जिसकी वजह से उन्हें अब तक का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। उनकी ‘भक्ति’ के सच्चे स्वरूप और ताकत को दर्शाने, तथा उनके समर्पण और शक्ति को बताने के लिये, &TV प्रस्तुत करता है ‘भक्त और भक्ति’ की दिलचस्प कहानी और इसका नाम है ‘कहत हनुमान जयश्रीराम’
देखते रहिये, ‘कहत हनुमान जयश्रीराम’ हर सोमवार से शुक्रवार, रात 9.30 बजे केवल &tv पर
संपादक
Rajesh Jaiswal
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