रंग पंचमी पर भक्तों से होली खेलने निकले भगवान अचलनाथ

Mar 13 2020

ग्वालियर। भगवान अचलनाथ भक्तों के साथ फूलों और अबीर के साथ होली खेलते हुए आगे बढ़े तो भक्तों ने भी उत्साह के साथ जगह-जगह फूलों और अबीर से स्वागत किया। आज रंगपंचमी पर शहर के मंदिरों में रंग और अबीर सुबह से ही उड़ रही थी। भगवान अचलनाथ भक्तों के साथ होली खेलने के लिए ढोल-ताशों के साथ निकले।
शुक्रवार की सुबह से अचलनाथ मंदिर में फूल और अबीर उड़ रहा रहे थे और भक्त भोले से फूल से होली खेल रहे थे। सुबह से शिवालयों सहित सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ लगी रही और भक्त भगवान की पूजा अर्चना करते हुए गुलाल लगाकर रंगपंचमी का पर्व मनाया। अचलेश्वर महादेव पर फूलों का विशेष इंतजाम किया गया और रंग से दूरी बनाई गई। भगवान अचलनाथ स्वर्ण मुकुट पहनकर पालकी में सवार होकर ढोल ताशों के साथ जैसे ही शहर भ्रमण कर भक्तों से होली खेलने निकले तो बम-बम भोले के जयकारों से रास्ते गूंजने लगे। आज रंगपंचमी पर सुबह से उत्साह भक्तों के बीच नजर आ रहा था। अचलेश्वर महादेव मंदिर पर पहुंचकर भक्तों ने पूजा अर्चना करते हुए मनोकामनाएं मांगी। भगवान अचलनाथ ढोल-ताशों के साथ होली खेलने के लिए जैसे ही निकले तो भक्तों ने फूल उड़ाना शुरू कर दिया। गुलाल पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन इसके बाद भी भक्त गुलाल उड़ा रहे थे। रथों में भगवान का स्वरूप रखकर विराजमान बच्चे सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हुए सभी का मन मोह रहे थे। भगवान अचलनाथ दाल बाजार पहुंचे तो व्यापारियों ने फूलों की वर्षा की तो कई भक्तों ने गुलाल उड़ाते हुए पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं मांगी। अचलनाथ की विशाल यात्रा दाल बाजार से होते हुए नया बाजार, लोहिया बाजार होते हुए ऊंट पुल पहुंची। शोभायात्रा ऊंट पुल से होते हुए दौलतगंज, महाराज बाड़ा होते हुए सराफा बाजार पहुंचीं जहां रास्ते भर शीतल जल व फूल मालाओं से स्वागत भक्तों ने किया। यह शोभायात्रा सराफा बाजार होते हुए राम मंदिर पहुंचीं जहां भगवान श्रीराम से अचलनाथ होली खेले और इसके बाद यह यात्रा वापस अचलधाम पहुंची, उससे पहले सनातन धर्म मंदिर में भगवान चक्रधर से होली खेली गई। शोभायात्रा में नरेंद्र सिंघल, हरिदास अग्रवाल, भुवनेश्वर वाजपेयी, वैभव सिंघल, विजय कब्जू, विष्णु बंसल, रामनाथ अग्रवाल, देवेंद्र अग्रवाल, महेंद्र भदकारिया, अनिल पुनियानी, नवीन गर्ग आदि मौजूद थे।
रंगपंचमी पर आज मंदिरों में भजन कीर्तन किए किये गये तो वहीं रासलीला के आयोजन भी हुआ। अचलनाथ धाम से निकली शोभा यात्रा में मथुरा वृंदावन के कलाकार रास करते हुए चल रहे थे। भगवान कृष्ण का रूप रखकर मोर- मोरनी नृत्य जब कलाकारों ने किया तो सभी आश्चर्यचकित रह गए और इन कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे थे। स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां दीं तो भक्त भी बम-बम भोले की गूंज के साथ झूमते हुए नजर आ रहे थे। 
रंगपंचमी पर शोभा यात्रा शुरू होने से भगवान अचलनाथ की महाआरती भक्तों ने की और इसके बाद चंदन लगाकर बम-बम भोले के जयकारे के साथ शोभा यात्रा शुरू की, भोले के भक्तों को चंदन लगाया गया।  जो ठंडक का अहसास करा रहा था। शोभा यात्रा में भोले के भक्त चंदन के कटोरे लेकर चल रहे थे जो रास्ते भर भक्तों को लगा रहे थे।