गेमीफिकेशन तकनीक को शासकीय विद्यालयों में क्रियान्वित करने को लेकर हुई बैठक

Mar 11 2020

ग्वालियर। ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कोर्पोरेशन द्वारा जल्द ही शासकीय विद्यालयों में दी जाने वाली शिक्षा में छात्रों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गेमिफिकेशन तकनीक किस प्रकार सहायक बन सकती है। इसको लेकर ग्वालियर स्मार्ट सिटी कंट्रोल कंमाण्ड सेंटर में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता स्मार्ट सिटी सीईओ महीप तेजस्वी द्वारा की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी  विकास जोशी सहित शासकीय विद्यालय के प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। 
श्री तेजस्वी ने इस तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि गेमिफिकेशन तकनीक का आधार है "उ मीद" सामान्यत:  पढ़ाए गये पाठ पर आधारित छात्रों का आँकलन किया जाता है। परन्तु अधिकांश छात्र कक्षा में उत्तर देने में इच्छुक नहीं होते। गेमिफिकेशन के माध्यम से हर सही उत्तर पर वर्चूअल कॉइन उस छात्र के खाते में जुड़ जाते हैं। इन कॉंइंज को एकत्रित कर ये छात्र किताब, ट्रिप, बैग आदि उपयोगी वस्तुओं से रिडीम कर सकते हैं। ऐसी प्रक्रिया ना सिर्फ छात्रों को भाग लेने के लिये प्रोत्साहित करती है, साथ ही विषय को ग भीरता से समझने के लिए भी प्रेरित करती है। बैठक में इस तकनीक को लेकर शासकीय स्कूलों के प्राचार्य तथा जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में विस्तृत चर्चा की गई तथा प्रेजेन्टेशन के माध्यम से इस प्रक्रिया को समझा गया। बैठक में उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी श्री जोशी ने इस तकनीक की सराहना की तथा इसे स्कूली शिक्षा में काफी उपयोगी माना। 
 ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ महीप तेजस्वी ने  बताया कि इस तकनीक का विकास लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की एक रीसर्च स्कॉलर द्वारा किया गया है। इसका प्रयोग उच्च शिक्षा में पाइलट बेस पर पंजाब में सफलतापूर्वक किया गया है। इसकी सफलता को देखते हुए गेमिफिकेशन को ग्वालियर के शासकीय विद्यालयों  में भी क्रियान्वित किए जाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही शासकीय विद्यालयों  में इस तकनीक का व्यापक प्रयोग किया जाएगा।  गौरतलब है कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा फेज 1 में 37 स्मार्ट क्लास रूम शासकीय विद्यालयों में क्रियान्वित है एवं फेज 2 के तहत  80 स्मार्ट क्लास रूम को विकसित किया जाना है।