होलिका तैयार, शुभ मुहूर्त में दहन का इंतजार

Mar 09 2020

ग्वालियर। रंगों का त्योहार होली का पर्व आज से शुरू हो गया है। स्कूल, कॉलेजों में पहले ही रंग उड़ रहा है और मंदिरों में आज भक्त होली खेल रहे हैं। पर्यावरण को बचाने के लिए कंडे की होली पर जोर दिया जा रहा है और हुरियारों और व्यापारियों ने रातभर कंडों से होली सजाकर तैयार कर दिए हैं। शहर की सबसे बड़ी होली सराफा बाजार में सज गई है व्यापारी डीजे की धुन पर मस्ती करते हुए गजकेसरी योग में दहन किया जाएगा। इसके बाद 10 हजार कंडों की होली दीनदयाल नगर में सजाई गई है और अचलेश्वर महादेव मंदिर व सनातन धर्म मंदिर में कंडों की होली सजी हुई है, जिनका दहन आज शुभ मुहूर्त में होगा। सराफा बाजार में विशाल होली का दहन व्यापारियों द्वारा किया जा रहा है। होलिका को सजाने के लिए सोना-चांदी और बर्तन व्यापारी से लेकर कपड़ा व्यापारी तक रातभर जुटे रहे और 25 हजार से ज्यादा कंडों से होली सजाई गई है। 
व्यापारियों का कहना है कि सड़क खराब न हो इसके लिए मिट्टी भी डाली गई है। भगवान अचलेश्वर महादेव मंदिर पर शाम 7.30 बजे भगवान भोलेनाथ की आरती के बाद होलिका दहन किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के प्रमु ा बाजारों व गली मोहल्लों में कंडों की होली सज गई है तो कई जगह लकड़ी की होली सजी हैं। नगर निगम की गौशाला से कंडे मिलने से लोगों को परेशानी नहीं होना पड़ रहा है।                    
होलिका दहन पूजा के दौरान लगने वाली गेहूं की बाली के दाम आसमान छू रहे हैं। गेहूं की बाली बेचने वालों के यहां सुबह से ही खरीदार पहुंच रहे हैं। ग्राहकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बाली बेचने वालों ने इनके दाम बढ़ा दिए हैं। होलिका दहन को देखते हुए आज लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी में सबसे ज्यादा आवक हरे चने की हुई। देर रात्रि से ही ट्रैक्टर ट्रॉलियों में हरे चने को भरकर किसान लेकर आए और सुबह से ही मंडी में चने की बिक्री शुरू हो गई। होली के पर्व पर हरे चने को भूनने की प्रथा है इसके चलते इसकी डिमाण्ड बढ़ी हुई है।
 होलिका दहन के लिए सबसे ज्यादा मांग घास और उपलों की होरही है। सुबह से ही कण्डे बेचने वाले बाजारों में घूमने शुरू हो गए और जिन स्थानों पर होलिका दहन किया जाना है वहां के निवासी लकड़ी को बचाते हुए उपलों से होली सजा रहे हैं। होलिका के लिए उपलों के साथ-साथ गुलरी व गोबर के जेवर की मांग हो रही है। गोबर नहीं मिलने के कारण घरों में गुलरियां व उपले नहीं बना सके उन्हें बाजार से खरीदना पड़ रहा है। इसी के साथ होलिका दहन के लिए सूखी घास बेचने वालों के यहां भीड़ लगी है।                               
भक्त खेल रहे भगवान से होली
होलिका दहन के साथ रंगों का पर्व शुरु हो जाएगा और एक-दूसरे को रंग -अबीर लगाते हुए होली की शुभकामनाएं दी जाएंगी। भगवान से भक्तों ने आज होलिका दहन से पहले ही होली खेलते हुए रंग बिरंगा करना शुरु कर दिया। प्रभु भी भक्तों की इस भक्ति में बहते हुए नजर आ रहे हैं। आज सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ लगी हुई है और भक्त पूजा अर्चना करते हुए आशीर्वाद ले रहे हैं तो वहीं रंग-अबीर भी उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। भगवान भोले के भक्त अचलेश्वर, कोटेश्वर, भूतेश्वर, चकलेश्वर, नलकेश्वर, धूमेश्वर पर पहुंचकर अभिषेक करते हुए गुलाल लगा रहे हैं। सनातन धर्म मंदिर राममंदिर में भजन कीर्तन हुए और भक्तों ने पूजा अर्चना करते हुए प्रभु श्रीराम से होली खेली। गोवर्धन गिर्राज की परिक्रमा लगाने के लिए तड़के 5 बजे से भक्त पहुंचना शुरु हो गए। हाईकोर्ट स्थित गिर्राज मंदिर पर भक्त परिक्रमा लगाते हुए प्रभु से मनोकामना कर गुलाल उड़ा रहे हैं। मुरार सदर बाजार गिर्राज मंदिर में भक्तों की अपार भीड़ लगी है भक्त परिक्रमा लगाकर रंग-अबीर उड़ाते हुए प्रभु से होली खेल रहे हैं।