सुखी जीवन जीना है तो रखें इन बातों का ध्यान...मुनिश्री

Mar 08 2020

ग्वालियर। एक छोटी-सी भूल सदियों की सजा बन जाती है, इसलिए हमें जीवन को सही और व्यवस्थित तरीके से जीना चाहिए। जिन मां-बाप ने हमें खून दिया उन्हें बुढ़ापे में खून के आंसू बहाने पर मजबूर करना कायरता है। हमें जीवन में उपयोगिता के बदले उपयोगिता, भावना के बदले भावना चाहिए, लेकिन कर्तव्य के बदले कुछ नहीं लेना चाहिए, क्योंकि कर्तव्य तो नि:स्वार्थ भावना से किए जाते हैं। उक्त उद्गार जैन राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज ने आज रविवार को लोहमंडी स्थित दिगंबर जैन लाला गोकुलचंद जैसवाल पंचायती मदिर में धर्मसभा में व्यक्त किए। मुनिश्री विजयेष सागर महाराज एवं क्षुल्लक विश्वोत्तर महाराज मौजूद थे। 
  मुनिश्री ने कहा ंिक जिन माता-पिता ने अपने खून से हमें बड़ा किया उनके लिए खून बहा देना मानवता है, जबकि असहाय जीवों का खून बहा देना हिंसा और अमानवीयता है। अतरू हमें कर्तव्यनिष्ठ होकर जीवन जीना चाहिए, क्योंकि कर्तव्य के पालन में तर्क नहीं समर्पण की जरूरत पड़ती है। जो मनुष्य सुखी, स्वाभिमान एवं स मान के साथ जीवन जीने के लिए ये सूत्र अपनाते हैं उनका जीवन सुखी बन जाता है और वो दूसरों को भी सुख देते है। मुनिश्री के चरणो में मदिर प्रबंध समिति के अघ्यक्ष पदमचंद्र जैन, मंत्री देवेद्र जैन, नवरंग जैन, पवन जैन, दिलीप जैन, राहुल जैन, अभिलाश जैन, मनीश जैन, ने श्रीफल चढ़ाकार आर्षिवाद लिया।