नेशनल कॉ पटीशन में डॉ. डीएस निर्भय ने जीता गोल्ड मैडल

Mar 05 2020

ग्वालियर। एलएनआईपीई के सेवानिवृत्त एथलेटिक्स कोच व व्या याता डॉ. डी. एस निर्भय ने 79 वर्ष की आयु में भी अपने हौंसले बरकरार रखते हुए इंडिया मास्टर्स एथलेटिक्स के 40वीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चै िपयन 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार जीतकर गोल्ड मैडल प्राप्त किया। डॉ. निर्भय बताते हैं कि यह नेशनल कॉ पटीशन हैमर थ्रोÓ का था जो 10-12 जनवरी को कालीकट (केरला) में आयोजित हुआ। इसमें 75-80 की आयु ग्रुप के प्रतियोगियों में पूरे देश से लगभग 2 हजार प्रतिभागी शामिल हुए । जिसमें नेशनल स्तर पर प्रथम पुरस्कार (गोल्ड मैडल) डॉ. निर्भय को मिला। डॉ. निर्भय ने बताया कि इससे पहले मैं वॉकिंग में भी नेशनल अवार्ड प्राप्त कर चुका हूं लेकिन चिकित्सकों की सलाहानुसार मैंने अब वॉकिंग के कॉ पटीशन में भाग लेना बंद कर दिया है और हैमर थ्रोÓ में नियमित प्रेक्टिस कर कॉ पटीशन में भाग ले रहा हूँ। कालीकट में आयोजित इस कॉ पटीशन में शिलाँग और श्रीलंका प्रतिभागी शािमल हुए थे। इस नेशनल में मैंने गोल्ड मैडल अर्जित कर मप्र व राष्ट्रीय स्तर पर ग्वालियर का नाम गौरवान्वित किया।
79 वर्षीय डॉ. निर्भय ने बताया कि अलवर में 6-7 फरवरी को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित युवरानी एथलेटिक्स समिति के इस कॉ पटीशन में भी पूरे देश से दो हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए थे। इस कॉ पटीशन में मुझे द्वितीय पुरस्कार (सिल्वर मैडल) प्राप्त हुआ।
डॉ. निर्भय ने कहा कि मेरा लक्ष्य एशियन गेम व ओल िपक में शामिल होकर ग्वालियर का नाम गौरवान्वित करना है, मैं अपने लक्ष्य पर कायम हूं। जिसके तहत प्रतिदिन 3-4 घंटे जीवाजी विश्वविद्यालय के ग्राउंड पर हैमर थ्रोÓ की प्रेक्टिस करता हूं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे नियमित अ यास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करें लेकिन लक्ष्य हासिल करने में ईमानदारी से उसकी तपस्या  की जानी चाहिए, फिर लक्ष्य पाना दूर नहीं है।
इस अवसर पर डॉ. डीएस निर्भय के साथ उनकी पत्नी भी उपस्थित थीं। डॉ. निर्भय अपनी इस राष्ट्रीय उपलब्धि का श्रेय अपनी पत्नी श्रीमती के.के. निर्भय को देते हैं, जो उनके नियमित खान-पान व दिनचर्या का ध्यान रखती हैं।