ठंडी हवा से बढ़ी सर्दी, एक बार फिर बरस सकता है पानी

Mar 05 2020

ग्वालियर। गुरुवार को हुई हल्की बूंदाबांदी और तेज सर्द हवा ने एक बार फिर सिहराने का काम किया। अरब सागर से आ रही नमी और राजस्थान में बने ऊपरी चक्रवात का असर लगातार कायम है, जिसके चलते कभी भी मौसम बदलकर सूखे मौसम की जगह तरबतर होने के हालात बन सकते हैं। सुबह आसमान पर छाए बादलों के कारण सूर्योदय विलंब से हुआ, जिससे दिनचर्या प्रभाावित रही, हालांकि बाद में बादल छंट जाने के कारण धूप तो खिल गई, लेकिन ठंडक का अहसास होता रहा, जिसके चलते एक बार फिर लोग सुबह से गर्म कपड़ों में दिखाई दिए। वहीं धूप सेंकते भी नजर आए।
मौसम विभाग का कहना है कि शहर अभी 6 व 7 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ के असर में रहेगा, जिसके चलते शाम से कुछ पहले फिर बादलों की लामबंदी बरसात को अंजाम देगी। वहीं ओले गिरने की संभावना से भी मौसम के जानकार इनकार नहीं कर रहे हैं। यही नहीं एक-दो दिन आसमान साफ रहने के बाद फिर बादल और पानी की संभावना बन रही है। बढ़ी नमी के कारण  अधिकतम पारे में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई। आधे मार्च तक मौसम लगातार रंग बदलता रहेगा। भले ही बरसात न हो, लेकिन बादलों की सक्रियता बनी रहेगी। सुबह न्यूनतम पारा 14.4 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं आद्र्रता 87 प्रतिशत रही। कल से आज तक बरसात 6.9 प्रतिशत दर्ज हुई।
कल की बारिश के बाद शहरवासियों को जहां केवल हल्की ठंड का सामना करना पड़ा है, लेकिन किसानों के चहरों पर शिकन आ गई है। अब लगातार आसमान ताक रहे हैं और उन्हें डर यह है कि कहीं तेज बरसात और ओलावृष्टि हुई तो फिर तैयार फसले खत्म हो जाएंगी और उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।