होनहार महापुरुषों को जन्म देने वाली मां धन्य होती हैं-मुनिश्री

Mar 05 2020

  ग्वालियर। होनहार महापुरुषों को जन्म देने वाली मां धन्य होती हैं। कौशल्या, अंजना, त्रिशला, मरु देवी इसलिए जगत में पूज्य हैं क्योंकि इन्होंने राम, हनुमान, महावीर, ऋषभ देव जैसे महापुरुषों को जन्म दिया। स्त्री पर्याय तभी धन्य होती है जब उसकी संतान सद्कार्य व सदाचरण करती है। दीपक मात्र लोक को प्रकाशित करता है किंतु संस्कारित कुल दीपक तीन लोकों को प्रकाशित करते हैं। उक्त उद्गार जैन राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज ने  गुरूवार को तानसेना स्थित साकेत नगर में माता पिता की गोद भराई के दौरान धर्मसभा में व्यक्त किए। मुनिश्री विजये  सागर महाराज एवं क्षुल्लक विश्वोत्तर महाराज मोजूद थे। 15 से 20 मार्च तक फूलबाग में पंचकल्याणक महोत्सव होगे।
    मुनिश्री ने कहाकि मानव पर्याय दुर्लभ है इसलिए इस पर्याय का सदुपयोग करना चाहिए। शरीर के सुख और इंद्रियों के क्षणिक सुख के लिए जीवों को कष्ट नहीं देना चाहिए। विवेकानंद सागरजी ने कहा बच्चों को समय, संपदा और सत्ता तो हम दे देते हैं किंतु संस्कार, समझदारी और संयम नहीं दे पाते। इसलिए युवा पीढ़ी भटक रही है। माता-पिता पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर आधुनिक उपकरणों में संलग्न हैं जो परिवार के लिए ठीक नहीं है। इस मौके पर पंचकल्याण के महामंत्री पवन जैन, अजय जैन, अमित जैन, संजीव जैन, अमन जैन, आदि उपस्थित थे। संचालन उमेष जैन ने किया। 
   जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि श्री दिगंबर जैन मंदिर लाला गोकुलचंद समिति एवं सकल जैन समाज की ओर से राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज का 49 वां जन्म (अवतरण) दिवस 7 मार्च 2020 को दोपहर-1 बजे से मंदिर के प्रगांण में बडे धूमधाम के साथ आयोजित होगा। जिसमे भिंड, मुरैना, बीना, आगरा, मथुरा, दिल्ली, झॉसी आदि जगह से गुरूभक्त पहुचेंगे।