महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील होना चाहिए: एडीजीपी राजाबाबू

Mar 05 2020

ग्वालियर। गुरुवार को ''लैंगिक अपराधों के प्रकरणों की विवेचना में पुलिस की भूमिकाÓÓ विषय पर पुलिस अधीक्षक ग्वालियर नवनीत भसीन के मार्गदर्शन में दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार का शुभारंभ मु य अतिथि राजाबाबू सिंह, अति. पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रार भ में अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेन्द्र सिंह गौर द्वारा एडीजीपी ग्वालियर का बुके व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। सेमीनार में एसडीओपी बेहट नागेन्द्र सिंह तथा 54 महिला पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे। मु य अतिथि राजाबाबू सिंह ने इस अवसर पर कहा कि महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील रवैया रखते हुए उनसे संबंधित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करना चाहिए। विवेचक को रिपोर्ट दर्ज करते समय अपने आप को पीडि़त के स्थान पर रखकर रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए और सेमीनार में विवेचना से संबंधी अपनी जिज्ञाषाओं को शांत करें एवं प्रशिक्षकों से उनके अनुभवों को जानें जिससे आपकी विवेचना का स्तर और अधिक उत्कृष्ठ हो। जिससे माननीय न्यायालय द्वारा अपराधी को अधिक से अधिक दण्ड दिलाया जा सके।
दो दिवसीय सेमीनार में उद्घाटन उपरान्त सुरेन्द्र सिंह गौर ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को प्रकरण की जांच करते समय घटना स्थल का मुआयना करते हुए वहां मौजूद साक्ष्यों को किस प्रकार चिन्हित किया जाए इसकी जानकारी सभी को दी। अब्दुल नसीम जिला अभियोजन अधिकारी ग्वालियर द्वारा ''सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय एस.एम.डब्लू सं. 04/19 के विभिन्न पहलुओं पर समझ पैदा करनाÓÓ विषय पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों को व्या यान दिया। उसके बाद सेमीनार में जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कौरव द्वारा ''पीडि़ता का मेडीकल परीक्षण, रिपोर्ट, टू फिंगर टेस्ट किट पर अपना व्या यान दिया। सेमीनार में एस.पी.शर्मा, संयुक्त निदेशक,आरएफएसएल ग्वालियर द्वारा ''डीएनए, अन्य वैज्ञानिक सै पल लेना, जांच हेतु भेजना एवं अन्य जांचÓÓ विषय पर अपना व्या यान दिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में न्यायिक दण्डाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों व फॉरेंसिक अधिकारियों द्वारा व्या यान देने के साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को विवेचना का स्तर सुधारने के टिप्स भी दिये जाएंगे।