मेले के समापन के बाद भी नहीं हटीं दुकानें
Mar 03 2020
ग्वालियर। व्यापार मेले का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन मेला आज भी पूरी तरह से गुलजार है और सुबह से लेकर शाम तक जमकर खरीदारी हो रही है। सुरक्षा की दृष्टि से मेले में पुलिस और दमकल दस्ता तैनात है, लेकिन यह भी इन दुकानदारों को दुकानें हटाने के लिए जोर नहीं दे पा रहा है। दमकल दस्ते ने व्यापार मेला प्राधिकरण और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर मेले को खाली कराने की गुहार लगाई है। दमकल अधिकारियों का कहना है कि व्यापारी सुबह से शाम तक कारोबार करते हैं और भोर होते ही कचरा एकत्रित कर जलाना शुरू कर देते हैं, जिससे मेले में कभी भी आगजनी की घटना घटित हो सकती है। व्यापार मेले इस वर्ष सबसे ज्यादा संचालित हुआ, लेकिन इसके बाद भी दुकानदार दुकानें हटाने का मन नहीं बना रहे हैं। मेले में सुबह से शाम तक दुकानें सजी हुई हैं और खरीदारों की भीड़ भी सस्ते की चाह में पहुंच रही है। मेला प्राधिकरण के पदाधिकारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी दुकानदारों को दुकानें हटाने के लिए कोई पहल नहीं कर रहे हैं, जिससे कभी भी कोई घटना हो सकती है। प्राधिकरण ने मेले का समापन 23 फरवरी को करते हुए 25 फरवरी तक दुकानें हटाने के लिए बिजली दी थी, इसके बाद दुकानदारों से आग्रह किया था कि वह अपनी दुकानें हटा लें, लेकिन दूरदराज से आए व्यापारी और स्थानीय दुकानदार इन दुकानों को हटाने के बजाय कारोबार करने में जुटे हुए हैं। आलम यह है कि मेले में दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक ग्राहकों की भारी भीड़ लगी है। हर सेक्टर में सैलानी ही सैलानी सस्ता सामान खरीदते हुए नजर आ रहे हैं। दमकल अधिकारियों का कहना है कि दुकानें नहीं हटने के कारण उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से दमकल दस्ते को तैनात करना पड़ा है। फायरब्रिगेड की गाड़ी अगर हटा ली और आग लगने की घटना हो जाती है तो भारी नुकसान होगा। क्योंकि मु यालय से मेले तक पहुंचने में समय लगेगा।
मेले में बड़े-बड़े शोरूम हटना शुरू हो गए हैं तो कई झूले भी उठ गए हैं और झूला संचालकों द्वारा ट्रकों में लोडिंग की जा रही है। लेकिन छोटे दुकानदार अभी भी अपना कारोबार कर रहे हैं। मेले में वाहनों के शोरूम पूरी तरह से हट गए हैं और प्रदर्शनी सेक्टर भी साफ हो गया है, लेकिन अभी शिल्प बाजार लगा हुआ है।
इसलिए नहीं हो रहा मेला खत्म
व्यापारियों का कहना है कि सस्ता सामान बेचने के कारण ग्राहकों की भीड़ हर रोज बढ़ती जा रही है और वह अपना माल खत्म कर जाना चाहते हैं। माल अगर वापस ले जाएंगे तो लोडिंग, अनलोडिंग देना पड़ेगी और माल का नुकसान होगा वह अलग से है। इसलिए लगभग 10 मार्च तक अपना कारोबार करेंगे। दुकानदारों का कहना है कि अगर वह ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मियों और मेला प्राधिकरण के कर्मचारियों को पैसा दे रहे हैं तो फिर क्यों हटें।
एलपीजी सिलेंडर रखे हैं दुकानों में
बिजली कटने के बाद कई दुकानदारों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों से सांठगांठ कर लाइट का कनेक्शन ले लिया है, तो कई दुकानदार एलपीजी गैस सिलेंडर से लालटेन बनाकर उजाला कर रहे हैं। अधिकांश दुकानों और हाथ ठेलों पर पांच किलो के गैस सिलेंडर से उजाला किया जा रहा है, तो कई दुकानों को बैटरी और इमरजेंसी लाइट से रोशनी की जा रही है।
व्यापार मेले में कारोबार करने वाले कारोबारी सुबह से शाम तक अपना कारोबार करते हैं और सुबह माल की छंटनी करने के बाद रद्दी माल और पॉलीथिनों को एकत्रित कर जलाना शुरू कर देते हैं। दमकल विभाग के सहायक फायर ऑफीसर देवेन्द्र जखेनियां ने बताया कि कई बार इन दुकानदारों को समझाइश दी गई है, लेकिन इसके बाद भी यह कचरा जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कचरा जलाते समय हवा चली और चिंगारी किसी दुकान में बैठ गई तो बड़ी घटना हो सकती है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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