ईश्वर का नाम लेने से मिलती है ऊजा

Mar 02 2020

 ग्वालियर। एक दिवसीय प्रवास पर ग्वालियर आईं साध्वी प्रतिमा बहिन ने शिवपुरी लिंक रोड स्थित आश्रम पर उपस्थित साधकों के समक्ष गीता भागवत सत्संग की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि कलियुग में निरंतर भगवन्नाम संकीर्तन जाप से जीव का सहज में ही कल्याण हो जाता है। इस कलियुग में जीव की अवस्था ाी कम, देशकाल के कारण से शरीर भी दीर्घ तप-साधना के योग्य नहीं है।
केवल चलते-फिरते उठते-बैठते अथवा अपनी दिनचर्या के कार्य करते हुए सतत ईश्वर के नाम का स्मरण करते रहने से ही जीवात्मा का उद्धार हो जाता है। रामचरित मानस में तुलसीदास जी ने लिखा है कि कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिर-सुमिर नर उतरहिं पारा। किसी समर्थ महापुरुष से गुरूनाम की दीक्षा लेकर हमें भक्त शिरोमणि चिरंजीवी हनुमतलाल जैसी प्रेम भक्ति को जीवन में अपनाकर अपने इष्ट परमात्मा सदगुरू की शरण में दास्य भाव से रहना चाहिए। इस अवसर पर श्री योगवेदान्त सेवा समिति महिला उत्थान मंडल युवा सेवा संघ के परशुराम भदौरिया, बलवीर सिंह परमार, देवेन्द्र सिंह सिकरवार, महेन्द्र कुशवाह, अनीता नागपाल, निर्मलादेवी तोमर, कल्पना शर्मा, सपना भावनानी सहित बड़ी सं या में साधक उपस्थित थे।