जूते-मौजे और दुपट्टे की चैकिंग के बाद परीक्षार्थियों को मिला प्रवेश
Mar 02 2020
ग्वालियर। माध्यिमक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हायर सेकंडरी की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। ग्वालियर जिले के 92 परीक्षा केन्द्र समेत 47 अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों में सुबह नौ बजे से 12वीं कक्षा का हिन्दी का पेपर शुरू हुआ। शिक्षा विभाग और प्रशासन ने नकल रोकने के लिए सीसीटवी का इंतजाम भी केन्द्रों पर करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों की तैनाती की गई है। इतना ही नहीं परीक्षा केंद्र के पहले ही पीएससी परीक्षा की तर्ज पर सुबह से ही जूते-मोजे, टोपी जाकेट आदि पहन कर आए परीक्षार्थियों को उसे उतरवाकर चैकिंग की गई।
इस साल ग्वालियर जिले में 12वीं (हायर सेकंडरी) में 25 हजार परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा के लिए कुल 139 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षाएं 1 ही पारी में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुईं।
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, केल्कुलेटर, साइंटिफिक केल्कुलेटर, पेजर, कप्यूटर का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहा। कुछ छात्र अपने साथ लाए भी तो केन्द्र में प्रवेश से पहले उनसे स्पष्ट कहा गया कि मोबाइल मिला तो प्रकरण माना जाएगा और संबंधित विद्यार्थियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
9.10 पर पहुंची छात्रा
परीक्षा सेंटर में सुबह 8.45 तक प्रवेश दिया जाना था और इसके बाद विद्यार्थियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा हुआ था, क्योंकि 9 बजे पेपर शुरू होना था, जिसके चलते समझाइश दी जा रही थी, लेकिन पद्मा विद्यालय में एक छात्रा सुबह 9.10 पर पेपर देने पहुंची। छात्रा को केंद्राध्यक्ष ने पहले तो बाहर कर दिया, लेकिन वह अपनी मजबूरी बताने लगी तो केंद्राध्यक्ष ने उसे परीक्षा में बैठने दिया। यह छात्रा सुरेश नगर से पद्मा विद्यालय पेपर देने आई थी।
पास-पास बैठे परीक्षार्थी सोमवार को हायर सेकेण्डरी के हिन्दी के पहले पेपर के दौरान कई सेंटरों पर खामियां देखने को मिलीं। सेंटरों पर फर्नीचर नहीं होने के कारण परीक्षार्थियों को पास-पास बैठाना पड़ा। मुरार उत्कर्ष विद्यालय में चेकिंग करने पहुंचे अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए परीक्षार्थियों को दूर बैठाने के निर्देश दिए।
बैसाखी, ट्राइसिकिल से पहुंचे दिव्यांग परीक्षार्थी
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हायर सेकंडरी व हाईस्कूल की परीक्षा में दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए अलग से समय निर्धारित किया गया है। सुबह की पाली में सामान्य परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र हल करना है और दोपहर एक बजे से दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए समय निर्धारित किया गया है, लेकिन जिन दिव्यांग परीक्षार्थियों ने प्राइवेट फार्म भरे हैं वह सोमवार सुबह परीक्षा देने के लिए बुलंद हौंसला लेकर अपने परिजनं के साथ प्रश्नपत्र हल करने केन्द्र पर पहुंचे। सिकंदर कंपू निवासी शिवानी प्रजापति हाथों और पैरों से दिव्यांग है वह बैसाखी के माध्यम से परीक्षा कक्ष साथी राइटर को लेकर पहुंची। इसी तरह विशाल रंजन गौतम ट्राइसिकिल से परीक्षा देने के लिए पद्मा विद्यालय अपने सहयोगी के साथ पहुंचे।
बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं, जिसके चलते सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। स्कूलों के बाहर बड़े-बड़े होर्डिंग्स भी लगाकर परीक्षार्थियों को चेतावनी दी जा रही है कि आप सीसीटीवी की निगरानी में हैं, इसलिए नकल न करें। इसके साथ ही ईमानदारी की पेटी भी रखवाई गई है और परीक्षार्थियों को समझाइश दी गई कि अगर कोई पर्ची या आपत्तिजनक सामग्री लेकर आया हो तो ईमानदारी की पेटी में डाल दे। केन्द्र के अंदर अगर पर्ची मिलती है तो नकल का प्रकरण बनाया जाएगा।
रोल नंबर के लिए बहाया पसीना
परीक्षा के पहले दिन ही परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सोमवार सुबह परीक्षा कक्षों के बाहर रोल नंबर चस्पा किए गए और स्कूलों की दीवार पर भी कमरों के हिसाब से रोल नंबर लगाए गए , लेकिन परीक्षार्थियों की भीड़ होने के कारण रोल नंबर फट गए इसलिए परीक्षार्थियों को परेशान भी होना पड़ा।रोल नंबर देखने के लिए हालत यह थी कि क्लैक बोर्ड पर रोल नंबर की सूची को खींचतान कर विद्यार्थियों ने फाड़ दिए।
परीक्षा के दौरान सोमवार सुबह कई परीक्षार्थियों से मोबाइल गेट पर ही जप्त किए गए। एक परीक्षार्थी तो परीक्षा कक्ष में मोबाइल और लीड लेकर पहुंच गया, लेकिन तभी चेकिंग कर रहे मुकेश गुप्ता की नजर इस पर पड़ गई। इस परीक्षार्थी को तत्काल केंद्राध्यक्ष भदौरिया, भूपेंद्र सिकरवार और मुकेश गुप्ता ने पकड़कर बाहर करते हुए मोबाइल जप्त कर लिया। मोबाइल व बैग रखने के लिए कई स्कूलों में इंतजाम नहीं था, जिससे परीक्षार्थियों को अच्छी ख्रासी परेशानी का सामना करना पड़ा। पद्मा विद्यालय में वाहन स्टैंड संचालक द्वारा बैग और मोबाइल जमाकराए गए।
सुबह-सुबह लगा जाम
सोमवार की सुबह शहर के कई स्थानों पर जाम की स्थिति निर्मित हुई। जाम को खुलवाने के लिए पुलिस को पसीना बहाना पड़ रहा था, लेकिन इसके बाद भी जाम नहीं खुल पा रहा था, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आज सुबह परीक्षा के दौरान कई सेंटरों पर जाम की स्थिति बनी रही, जिसमें सबसे ज्यादा जीवाजीराव, पद्मा विद्यालय, मुरार उत्कृष्ट विद्यालय सहित कई स्कूल शामिल थे।
परीक्षा के पहले दिन कई स्कूलों में अव्यवस्थाएं दे ाने को मिलीं। परीक्षा कक्ष में अंधेरा होने के कारण परीक्षार्थियों को परेशान होना पड़ा। परीक्षार्थियों ने इसकी शिकायत संबंधित केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों से भी की। पर्यवेक्षकों ने शिकायत के बाद कमरों में रोशनी के लिए दूसरे कक्षों से तार डालकर व्यवस्था की। कई कक्षों में होल्डर तो लगे हुए थे, लेकिन बल्ब नदारद थे, तो कई कक्षों में लाइट नहीं होने के कारण अंधेरा रहा। प्रशासन द्वारा आदेशित किया गया था कि परीक्षा के दौरान बिजली कटौती नहीं की जाए, लेकिन इसके बाद भी कई क्षेत्रों में सुबह बिजली चली गई। जैसे ही इसकी शिकायता केन्द्राध्यक्षों ने अफसरों से की तो लाइट चालू हो गई।
बाप और बेटी एक साथ 12वीं की परीक्षा देने पहुंचे
ग्वालियर। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की बारहवीं बोर्ड की परीक्षा सोमवार को शुरू हो गई। बारहवीं का पहला पेपर विशिष्ट भाषा हिंदी रहा। ग्वालियर में परीक्षा में पद्मा विद्यालय में बाप और बेटी दोनों एक साथ परीक्षा देने पहुंचे।पिता बाल किशन सैनी और बेटी तान्या सैनी दोनों एक ही सेंटर पर परीक्षा देने आए। बाल किशन सैनी यूनियन बैंक के कर्मचारी हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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