प्रतिस्पर्धा प्रतिभा की जननी है: शेजवलकर

Feb 29 2020

ग्वालियर। प्रतिस्पर्धा प्रतिभा की जननी है। शिक्षा ही एक मात्र ऐसा साधन जिससे आप अपने जीवन को सफल बना सकते है, शिक्षा ही जीवन में आदर्श और नियमों का ज्ञान देती है और मनुष्य को जीवन में सही मार्ग एवं तरक्की प्रदान करती है। यह बात सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने देवी सावित्री षिक्षा प्रसार समिति द्वारा संचालित डी.एस. मिडिल स्कूल, सिंधिया नगर के वार्शिक उत्सव कार्यक्रम में मु य अतिथि की आसंदी में कही। कार्यक्रम में विषिश्ट अतिथि के रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सतीष सिंह सिकरवार मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरूआत मु य अतिथि विवेक नारायण शेजवलकर एवं विषिष्ट अतिथि डॉ. सतीष सिंह सिकरवार ने दीप प्रज्वलित कर की गई है। कार्यक्रम में देवी सावित्री शिक्षा प्रसार समिति के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश गुप्ता, सचिव श्रीमती अरूणा गुप्ता, प्राचार्य श्रीमती षिखा गुप्ता, गिरीश किशोर पाराशर, रामजीशरण गुप्ता, सुनील मुदगल, सतीश यादव, मुन्नीलाल जोषी, मनोज सेन, राकेश कनकने, हिमांषु कीकन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रार भ में देवी सावित्री षिक्षा प्रसार समिति के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाष गुप्ता एवं सचिव श्रीमती अरूणा गुप्ता ने स्मृति चिन्ह एवं षॉल-श्रीफल भेंट कर मु य अतिथि विवेक नारायण षेजवलकर एवं विषिश्ट अतिथि डॉ. सतीष सिंह सिकरवार का स मान किया गया। कार्यक्रम में मु य अतिथि सांसद षेजवलकर ने कहा कि वार्शिक उत्सव वर्श में एक बार ही होता है, लेकिन उसका प्रभाव छात्र-छात्राओं पर वर्शभर रहता है। विद्यालय से स मान एवं पुरस्कार प्राप्त करने के लिए छात्र-छात्रा वर्शभर परिश्रम करते है, अनुषासन में रहने की चेश्ट करते है। सांसद षेजवलकर ने कहा कि जब विद्यालय में वार्शिक उत्सव होता है तो सभी छात्र-छात्राओं द्वारा उसमें सहयोग किया जाता है और इसी वार्शिक उत्सव कार्यक्रम से छात्र-छात्राओं में सामूहिक रूप से कार्य करने की भावना आती है। कार्यक्रम में विषिश्ट अतिथि डॉ. सिकरवार ने कहा कि समिति द्वारा जो वार्शिक उत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया है, वह सरहानीय कार्य है। ऐसे आयोजन हर वर्श कम से कम एक बार तो होना चाहिए ताकि छुपी हुई प्रतिभाओं को बाहर आने का अवसर प्रदान हो सके। कार्यक्रम में बच्चों ने संस्कृतिक गीत, देष भक्ति गीत, धार्मिक गीत आदि पर नृत्य किया। डॉ. सिकरवार ने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों के पालकों का आव्हान किया कि अपने बच्चों को पढाई के लिए प्रेरित करे और उन्हे हर हाल में स्कूल भेजें। कार्यक्रम के पश्चात् मु य अतिथि विवेक नारायण षेजवलकर एवं विषिश्ट अतिथि डॉ. सतीष सिंह सिकरवार ने विद्यार्थियों को पुरस्कार भेंट किये।