मनुष्य को अहंकारी नहीं, संस्कारी बनना चाहिए

Feb 23 2020

ग्वालियर। जो मनुष्य अपने मन को एकांत कर भगवान का तप और जप करता है, उसका जीवन अवश्य ही सफल हो जाता है। इसके अलावा जो इन चीजों से वंचित रह जाता है उसके पास अंत तक पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता है। उक्त उद्गार जैन राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज ने रविवार को सिंकदर क पू स्थित दिगंबर षांतिनाथ जैन मदिर में प्रवेष के दौरान धर्मसभा में व्यक्त किए।
मुनिश्री ने कहा त्यागी को रोग वैराग्य के लिए होता है, जबकि भोगी को रोग रोने के लिए अर्थात शोक के लिए होता है। जो व्यक्ति स्वयं को संभालता है वही दूसरों को संभाल सकता है। जो स्वयं तैरना सीखा नहीं वह दूसरे को क्या तैरना सिखाएगा। वह दुख तो डूबेगा ही दूसरे को भी डुबा देगा। मनुष्य को अपने जीवन में अहंकारी नहीं संस्कारी बनना चाहिए। क्योंकि जिस प्रकार से अहंकार जीवन का नाश कर देता है और फुटपाथ पर लाकर खड़ा कर देता है। उसके विपरीत जो मनुष्य संस्कारी बनकर अपने जीवन में धर्म, दान-पुण्य का काम करता है, उसके जीवन का कल्याण हो जाता है। इसलिए अहंकार छोड़ संस्कारी बनो तो होगा जीवन सफल। सोचें समझें फिर काम करें। अधिकांश देखने में आता है कि मनुष्य किसी काम को बिना सोचे-समझे ही करने के लिए चल पड़ता है। इससे उसको आगे जाकर नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए जो भी काम करें, उसके बारे में सबसे पहले जानें। इससे नुकसान भी नहीं होगा। प्रवचन से मंदिर समिति, जैन युवा मिलन, जैन विहर्श महिला मंडल, दिगबर जागरण मंच, राजेष जैन मित्र मंडली आदि ने श्रीफल चढ़ाकर आर्षिवाद लिया।
मुनिश्री कीे पूर्व मंत्री ने आगवानी कर आषीवाद लिया
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह एवं समाज के लालमणि वरैया बाबूजी ने आगवानी कर राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज से आषीवाद लिया। इस मौके पर  राजेष जैन, कोमलचंद्र जैन, धमेंद्र जैन, महेद्र जैन मौजूद थे।
राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज ससंघ लोहमंडी से पद विहार कर सिंकदर क पू स्थित दिंगबर षांतिनाथ जैन मंदिर में गाजे बाजे के साथ समाजजनों ने आगवानी की। राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज जिन मार्गो से निकाले उस मार्ग पर दिग बर जैन महिलाओ सामूहिक रूप से डाडिया एवं जैन समाज के श्रद्धालृओ ने पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी के आर्षिवाद लिया। 
9 वीं मुनिदीक्षा जयंती पर होगे कार्यक्रम आयोजित 
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि जैन मिलन ग्वालियर की ओर से मुनिश्री विजयेष सागर महाराज का 9 वीं मुनिदीक्षा जंयती 27 फरवरी को नई सड़क स्थित चांपबाग धर्मषाला में राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज एवं क्षुल्लक श्री विषोत्तर सागर महाराज के पावन सानिध्य में बनाई जाऐगी। मुनिश्री को प्रवास 25, 26, और 27 फरवरी को दाना ओली स्थित चंपाबाग जैन मदिर में रहेगा।