राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर ससंघ का हजीर मे नवीन जैन मंदिर में प्रवेश हुआ
Feb 20 2020
ग्वालियर। सत्य की साधना कष्टदायी हो सकती है, लेकिन इसके फलस्वरूप हमें भगवान की प्राप्ति होती है। आप सभी को भगवान को पाने के लिए सत्य की साधना करनी पड़ेगी। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब कंस ने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं तब भगवान ने नर रूपी अवतार लेकर जन्म लिया। प्रभु भक्तों की प्रार्थना रूपी निर्मल धार में प्रतिदिन स्नान करते हैं। यह विचार जैन राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज ने गुरूवार को हजीर स्थित न्यू कालोनी में नवीन धर्मनाथ मंदिर में मंगल प्रवेष के दौरान धर्मसभा में व्यक्त किए। मुनिश्री विजयेष सागर महाराज का 41 वां जन्मोत्सव भी बडे धूमधाम के साथ जैन समाज के लोगो ने मनाया गया।
मुनिश्री ने कहाकि गजेंद्र एक हाथी था। जो नाम नहीं ले सकता था केवल पुकारता है और भगवान करुण पुकार सुनकर पहुंच कर ग्राह के बंधन से छुड़ाते हैं। यें हमें शिक्षा देती है कि जब एक हाथी की पुकार पर भगवान आ सकते हैं तो क्या हमारे बुलाने पर नहीं आएंगे। भगवान की हम पर इतनी कृपा क्या कम है। हमें भी 24 घंटों में से 24 मिनट भगवान के पास बैठना चाहिए। हर घर में भक्तमार और णमोंकार महामंत्र का पाठ होना चाहिए। बच्चों को केवल स्कूल के भरोसे ना छोड़ें हमारी संस्कृति और संस्कार भी दें। प्रवचन से पहले नवीन मंदिर के अजय जैन विजय जैन अमन जैन परिवार ने पाद प्रक्षालन कर श्रीफल चढ़ाकर आर्षिवाद लिया।
नवीन मंदिर में राश्ट्रसंत ने मंगल प्रवेष महिलाओं नृत्य, गुलाब पुश्पा से स्वागत ंिकया
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज, मुनिश्री विजयेष सागर महाराज, एवं क्षुल्लक श्री विषोत्तर सागर महाराज ससंघ का मंगल प्रवेष सुबह मुरार से षुरू होकर मु य मार्गो से होते हुए हजीर स्थित न्यू कालोनी में नवीन धर्मनाथ दिगंबर जैन मदिर में सुबह गाजे बाजे के साथ हुआ। 15 मार्च को होने वाले में अजय कुमार विजय कुमार जैन परिवार की ओर से नवीन जैन मंदिर के पंचकल्याणक के लिए राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज संसघ के पहुचने पर महिलाओ नृत्य एवं जैन समाज के श्रद्धालृओ ने गुलाब के पुश्पों से स्वागत कर पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी के आर्षिवाद लिया। आज 21 फरवरी को सुबह 9 बजे हजीर से लोहमंडी दिगंबर लाला गोकुलचंद जैन मदिर पहुचेगे।
नेत्र परीक्षण एवं परामर्ष केद्र पर मुनिश्री ने पहुॅचकर दिया आषीवाद
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ ने जे.सी मिल रोड स्थित स्व. श्रीमती आषादेवी जैन की स्मृति में चल रहे नेत्र परीक्षण एवं परामर्ष केंद्र पर रोज बाहर से 125 लोग प्रतिदिन आने वाले नेत्र परीक्षण लोगो को पहुॅचंकर आषीवाद दिया। केंद्र के अषोक अग्रवाल, पदमचंद जैन, अलोक आग्रवाल सहित टीम ने मुनिश्री की आगवानी कर पाद प्रक्षालन कर उन्हें आषीवाद दिया।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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