नगर निगम में ऑनलाइन करें नामांतरण की प्रक्रिया: ओझा

Feb 19 2020

ग्वालियर। स भागायुक्त एवं निगम प्रशासक एमबी ओझा ने बुधवार को नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देश दिये कि नगर निगम में नामांतरण प्रकरण कई महीनों तक लंबित रहते हैं। जबकि लोक सूचना के तहत इसके लिए एक माह की अवधि निर्धारित है, फिर भी अधिकारियों द्वारा यदि प्रकरण लंबित रखा जाता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कडी कार्यवाही की जावेगी तथा नामांतरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए निगम में नामांतरण ऑनलाइन करने की कार्यवाही करें। 
जल विहार स्थित प्रशासक कार्यालय में आयोजित बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ महीप तेजस्वी, अपर आयुक्त दिनेश शुक्ला, राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त वित्त देवेन्द्र पालिया, अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य, प्रेम पचैरी, उपायुक्त डॉ. अतिबल सिंह यादव, सहायक यंत्री आरके शुक्ला, जागेश श्रीवास्तव एवं नोडल अधिकारी श्रीकांत कांटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 
बैठक में निगम प्रशासक ओझा ने निगम में लंबित नामांतरण के प्रकरणों की समीक्षा की तथा समय सीमा में प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। इसके साथ ही श्री ओझा ने स पत्तिकर एवं जलकर वसूली की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि स पत्तिकर के साथ साथ पानी के बिल को भी एक साथ जोडा जाये, इसका प्रस्ताव तैयार करें। जिससे स पत्तिकर व जलकर की वसूली एकसाथ हो सके। इसके साथ ही निगम की आय बढाने के लिए भी अन्य आवश्यक प्रस्ताव व संसाधनों की योजना बनायें। 
निगम प्रशासक श्री ओझा ने शहर के प्रमुख बाजारों में सौंदर्यीकरण लाने के उद्धेश्य से निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर के जितने भी प्रमुख बाजार हैं तथा रेल्वे स्टेशन व बस स्टेंड के बाजारों में एक रूपता लाने के लिए साइन बोर्ड तथा उनकी साइज आदि एक रंग व एक साइज में लगवाने के लिए प्रस्ताव तैयार करें। 
स्वर्ण रेखा के 84 नालों के ट्रीटमेंट के लिए बनाई जायेगी समिति
निगम प्रशासक श्री एमबी ओझा ने स्वर्ण रेखा नदी में मिलने वाले 84 नालों की साफ सफाई एवं ट्रीटमेंट को लेकर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि इसके लिए नगर निगम, जिला प्रशासन, स्मार्ट सिटी एवं अमृत योजना के विभिन्न तकनिकी अधिकारियों की एक समिति का गठन किया जायेगा। जिससे सभी विभाग आपसी समनव्य बनाकर स्वर्ण रेखा नदी के विकास के लिए कार्य कर सकें।   
अमृत योजना के कार्यों की समीक्षा
निगम प्रशासक श्री ओझा ने शहर में अमृत योजना के तहत किये जा रहे सीवर लाइन, पानी की लाइन व सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर प्रगति की समीक्षा की तथा सीवर लाइन व पानी की लाइन डालने के लिए खोदी गई सडकों का रेस्टोरेशन तुरंत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। श्री ओझा ने कहा कि आगामी 4 मार्च को अमृत योजना के कार्यों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की जायेगी। इससे पूर्व सभी सडकों का रेस्टोरेशन का कार्य पूर्ण कर लें। उन्होने यह भी कहा कि प्रत्येक बुधवार को अमृत योजना के कार्यों की समीक्षा की जावेगी।