जब हम बच्चों को समय से पहले बिगडऩे वाली सारी चीजें दे देते हैं

Feb 19 2020

ग्वालियर। आज की पीढ़ी अपने संस्कार भूलती जा रही है। जब हम बच्चों को समय से पहले बिगडऩे वाली सारी चीजें दे देते हैं, उन्हें सुधरने वाले संस्कार क्यों नहीं दे सकते। आजकल के बच्चे आधुनिक उपकरणों को महत्व देने लगे हैं। यह विचार जैन राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज ने बुधवार को मुरार स्थित दिग बर जैन पंचयाती मदिर में मंगल प्रवेष के दौरान धर्मसभा में व्यक्त किए।
   मुनिश्री ने कहा आज चाहते सब हैं कि जब बचपन से ही हम उन बच्चों को टीवी के सहारे छोड़ देंगे। इसका छोटा भीम थोड़े ही आकर उन्हें यह बात सिखाएगा कि मां-बाप का स मान कैसे करना चाहिए। या कि डोरेमोन थोड़े ही सिखाएगा कि बड़ों का आदर कैसे करना चाहिए। उन्हें टीवी नहीं सिखाएगा कि धर्म की सेवा कैसे करनी चाहिए अपितु धर्म के संस्कार ही सिखाएगे कि मां-बाप और संत साधु की सेवा कैसे करना चाहिए। आप अपने बच्चों को इसी तरह टीवी या मोबाइल के सहारे छोड़ दोगे, तो तु हारा बच्चा कभी तु हारे लायक नहीं बन सकता। इसलिए सभी को चाहिए बचपन में जितना हो सके बच्चों को सही मार्ग दिखाएं। अच्छी राह की ओर प्रेरित करें जिससे उनका भविष्य सही दिशा में जाए। प्रवचन से पहले मदिर समिति, मुरार जैन समाज, पुलक जन चेतना मंच व महिला जागृति मच, जैन युवा सेवा मंडल, जैन युवा संगठन, जैन मिलन सिंद्धात आदि ने श्रीफल चढ़ाकर आर्षिवाद लिया।
मुरार में दो संतो भव्य वात्सल्य महामिलन संगम का हुआ, गूंजे भक्तो के जयकारे 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि आज मुरार में राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज, मुनिश्री विजयेष सागर महाराज एवं क्षुल्लक श्री विषोत्तर सागर महाराज का मंगल प्रवेष पर मुनिश्री अविचल सागर महाराज का भव्य वात्सल्य मिलन हुआ। जैसे ही राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज चलकर आए वैसे ही मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने साश्टंाग दण्डवत प्रणाम किया। मुनिश्री विहर्श सागर ने उठाया और गले लगा लिया। जहॉ अद्भूत नजरा देखकर वही कॉफी सं या में मौजूद जैन समाज के लोगो ने गुरूदेव का मिलन देकर जयकारो से गूंज उठे व वातवरण धर्ममय हो गया। 
मुरार में राश्ट्रसंत के मंगल प्रवेष महिलाओं और पुरूशों ने की आरती 
राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज ससंघ का मंगल प्रवेष यात्रा सीपी कालोनी जैन मदिर से सुबह गाजे बाजे के साथ निकाली गई। यह मंगल प्रवेष जैन मदिर से षुरू होकर मु य मार्गो से होते हुऐ मुरार स्थित दिगंबर पंचायती बडा जैन मदिर पहुची। राश्ट्रसंत मुनिश्री विहर्श सागर महाराज जिन मार्गो से निकाले उस मार्ग पर दिग बर जैन महिलाओ सामूहिक रूप से डाडिया एवं जैन समाज के श्रद्धालृओ ने पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी के आर्षिवाद लिया।