गुरु सेवा से होता जीव का उद्धार: संत वासुदेवानंद

Feb 19 2020

 ग्वालियर। एक दिवसीय प्रवास पर ग्वालियर आए वासुदेवानंद महाराज ने शिवपुरी लिंक रोड स्थित आश्रम पर ध्यानयोग और गीता भागवत सत्संग में अमृतवर्षा करते हुए कहा कि बिना गुरू की सेवा के जीव का उद्धार नहीं हो सकता। आश्रम परिसर में शहर भर से आए साधकों को ध्यान योग में प्रवेश के साथ-साथ अपने प्रवचन के दौरान बताया कि चाहे व्यक्ति इन्द्र का सिंघासन भी प्राप्त कर ले परन्तु जगत में चौरासी आवागमन से मुक्त नहीं हो सकता।
इसलिए निष्कपट भाव से निर्मल अंतकरण के साथ संतो का अनुसरण कर गुरू द्वारा बताए मार्ग का अनुशरण करो तभी सहज में जीवन यात्रा पूरी होकर तुम ईश्वर की प्राप्ति के मार्ग पर चल सकते हो। उससे भी ज्यादा आवश्यक है कि किसी समर्थ संत महापुरुष की शरणागति ग्रहण करो। तुहें नहीं पता कितने जन्मों से माता के गर्भ में उल्टे लटक कर नरकों की यात्रा करते हुए इस मानव देह में आए हो। षटविकारों से स्वयं को बचाकर एकनिष्ठ भाव से परमात्मा के भजन में लग जाओ। इस तरह पता नहीं कब तक आप भटकते रहोगे। संत महापुरुषों की प्रसादी ग्रहण कर जीवत्व से हटकर अपने ब्रहमभाव में जग जाओ। इस अवसर पर श्री योग वेदान्त सेवा समिति द्वारा संत वासुदेवानंद महाराज का स्वागत किया गया।
सत्संग में परशुराम भदौरिया, महावीर सिंह तोमर, हरीश नागपाल, भगवानदास, उमा भार्गव, श्रीमती गुडडी सिकरवार, हितेश चितोरिया इत्यादि लोग शामिल रहे। साधकों को आश्रम तक लाने-ले जाने के लिए शहर भर में वाहनों की व्यवस्था की गई थी।