मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने सौंपे प्रदेश को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार मुख्यमंत्री ने महिला.बाल विकास मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों.कर्मचारियों को दी बधाई

Feb 05 2020

 

ग्वालियर 05 फरवरी 2020 मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को महिला.बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने मंत्रालय में मंत्री.मंडल की बैठक के पूर्व मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये विभिन्न श्रेणियों में मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार सौंपे। श्री कमल नाथ ने इस उपलब्धि के लिये मंत्री श्रीमती इमरती देवी और विभागीय अधिकारियों. कर्मचारियों तथा मैदानी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण एवं शिशु.मातृ मृत्यु दर को समाप्त करने के लिये प्रतिबद्धता के साथ काम करें।
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को बताया कि मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उल्लेखनीय कार्य के लिये तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गये हैं। योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य के लिये राज्य स्तरीय श्रेणी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार मिला है। जिला स्तरीय श्रेणी में प्रदेश के इंदौर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश को देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश में यह सप्ताह 2 से 8 दिसम्बर 2019 तक मनाया गया था।
महिला.बाल विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर बाल शिक्षा केन्द्र खोले जा रहे हैंए जिससे ज्यादा से ज्यादा कुपोषित बच्चे लाभांवित हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश से कुपोषण को समाप्त करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3 हजार से ज्यादा डे.केयर सेन्टर खोले जा रहे हैं। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पोषक आहार दिया जा रहा है। साथ हीए अभिभावकों को भी पोषण आहार से संबंधित जानकारी दी जा रही है। सभी जिलोंए ब्लाक एवं गाँव में कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश में अब तक कुल 14 लाख 55 हजार 501 हितग्राहियों को पंजीकृत किया गया है। लगभग 13 लाख 40 हजार 224 हितग्राहियों को पहली किश्तए 12 लाख 60 हजार 304 हितग्राहियों को दूसरी और 8 लाख 80 हजार 517 हितग्राहियों को तीसरी किश्त का भुगतान किया गया है।