मेले का 15 फरवरी को होगा विधिवत समापन, अतिथि की हो रही तलाश

Feb 04 2020

ग्वालियर।व्यापार मेले में पहुंचकर सैलानी जमकर खरीदारी कर रहे हैं तो झूलों पर मस्ती करते हुए खानपान का स्वाद ले रहे हैं। मेले में सबसे ज्यादा इस वर्ष वाहनों की बिक्री होने से मेला प्राधिकरण ने खरीदारी का कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। व्यापार मेले में अब तक 600 करोड़ से अधिक का कारोबार हो चुका है, जबकि टारगेट 1000 करोड़ का दिया है। प्राधिकरण का मानना है कि मेले के समापन तक यह टारगेट पूरा हो जाएगा। व्यापार मेला पूरे यौवन पर है और हर रोज हजारों सैलानी पहुंचकर खरीदारी करते हुए मेले का आनंद उठा रहे हैं, मेले में सबसे ज्यादा वाहनों की बिक्री हो रही है तो झूला सेक्टर और खानपान सेक्टर में भी अच्छी-खासी भीड़ नजर आ रही है। व्यापार मेले की अंतिम तिथि भी नजदीक आते ही सैलानियों की भीड़ बढऩे लगी है। प्राधिकरण ने घोषणा कर दी है कि मेले का समापन 15 फरवरी को किया जाएगा। समापन पर जिन दुकानदारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें स मानित किया जाएगा, लेकिनअतिथि कौन होगा, इसे लेकर मंथन जारी है। मेले के समापन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
ग्वालियर व्यापार मेला दुकानदार संघ के पदाधिकारियों ने व्यापार मेले को 25 फरवरी तक लगाए जाने की मांग की है। व्यापारियों का मानना है कि मेले में दो बार हुई आगजनी की घटना और बारिश होने के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है। 23 फरवरी को रविवार और 25 का मंगलवार होने से अच्छा कारोबार होगा। व्यापार मेले की तिथि बढ़ाए जाने की मांग को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दुकानदार संघ के पदाधिकारी महेश मुदगल, महेन्द्र भदकारिया, अनिल पुनियानी, ललित अग्रवाल, मिंटू अग्रवाल, राजकुमार जैन, जगदीश उपाध्याय, उमेश उप्पल ने ज्ञापन भी दिया था, जिस पर सिंधिया ने भरोसा दिलाया है कि मेले की तिथि को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। 
वैसे तो हर वर्ष व्यापार मेला जनवरी में शुरू होता है और लगभग 7 या 10 जनवरी को इसका गठन होता है, लेकिन प्रदेश में बैठी कांग्रेस सरकार ने व्यापार मेले में जिन पदाधिकारियों को जि मेदारी दी है उनसे कहा गया था कि मेला दिसंबर में ही शुरू होना चाहिए। जिसके चलते व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हो गया था और इसका शुभारंभ 27 दिसंबर को पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत सहित शहर में रहने वाले मंत्री प्रद्यु न तोमर, इमरती देवी और लाखन सिंह ने किया था।