समारोह में विवाद होने पर सफाई कर्मियों ने की हड़ताल, नहीं उठाया कचरा

Feb 04 2020

ग्वालियर। मंगलवार को सफाई कर्मियों ने काम न कर हड़ताल कर दी, जिससे शहर के अधिकांश क्षेत्रों से कचरा नहीं समेटे जाने से गंदगी के ढेर लग गए। यह हड़ताल निगम प्रशासन के खिलाफ नहीं, बल्कि निजी कारणों से की गई है। इसे लेकर अधिकारियों ने समझाइश दी, लेकिन यह नहीं माने, बल्कि जिस तरह के इरादे यह जता रहे हैं उसके बाद मामला और पैचीदा होता जा रहा है, जिसके चलते यह हड़ताल लंबी खिंच सकती है। सोमवार की रात सीताराम खरे के यहां बेटी की शादी थी, जिसके लिए मराठा बोर्डिंग बुक की गई थी, देर रात तक कार्यक्रम चला बकौल फरियादी पक्ष इसके बाद समीप ही स्थित राजपूत बोर्डिंग के छात्रों ने उत्पात शुरु कर दिया, महिलाओं के साथ बदसलूकी की, वहीं गाली गलौच करते हुए कई गाडिय़ां तोड़ दीं और विवाह स्थल में घुसकर दहेज के लिए रखा सामान तोड़ दिया, जिसने प्रतिरोध किया उसे भी पीटा। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, उधर इस तरह की हरकत से गुस्साए बाल्मीकि समाज लामबंद हो गया और उन्होने रात में इंदरगंज चौराहे पर धरना दे दिया, शादी का माहौल होने और आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हो जाने के बाद उस वक्त तो मामला थम गया, लेकिन जब इसकी जानकारी बाल्मिकी समाज के अन्य लोगों को मिली तो फिर वह साथ हो लिए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शहर की सफाई व्यवस्था से हाथ खींच लिए। चूंकि मामला समाज से जुड़ा था, ऐसे में निगम के स्थायी, अस्थायी और आउटसोर्स सभी कर्मचारियों ने सुबह से बजाए काम करने के हड़ताल की घोषणा कर दी। जिसके शहर में न तो झाड़ू लगी, न ही कचरा समेटा गया और न ही कचरा उठाने सफाई वाहन ही पहुंचे। इन हालात में जगहृ-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। वहीं नालियां भी साफ न होने से इनकी गंदगी भी आम रास्ते में बह रही है, जिससे शहरवासियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। यही नहीं हड़ताली कर्मचारियों ने ईको ग्रीन की गाडिय़ों को भी कचरा नहीं भरने दिया और इन्हें वापस लौटाते रहे, कुछ जगह पर इनके साथ हाथापाई भी की गई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अब शहर भर का कचरा समेटकर राजपूत बोर्डिग में फैंका जाएगा, वहीं यहां की सफाई भी सफाई कर्मचारी नहीं करेंगे। यदि ऐसा होता है तो फिर मामला बिगड़ सकता है। सुबह से लामबंद बाल्मीकि समाज के लोगों ने सुबह से ही मोर्चा खोल दिया और काम बंद कर अंबेडकर पार्क में दर्जनों की सं या में पहुंचकर बैठक शुरु कर दी। इनका कहना है कि कमजोर समाज के होने के कारण उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह दबाव में आने वाले नहीं, बल्कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वह अपने रुख पर कायम रहेंगे। इनका कहना था कि विवाह समारोह पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था तभी सुनियोजित ढंग से इस घटना को अंजाम दिया गया। पहले भी इस तरह की घटनाएं होती रहीं है, लेकिन अब यह समाज के लिए बेहद गंभीर मामला है।  
फरियादी ने बताया कि मेरी बेटी की शादी थी। दस बजे नियमानुसार डीजे भी बंद कर दिया गया था। खाना चल रहा था, इसके साथ ही मेहमानों ने वापसी शुरु कर दी थी, लेकिन राजपूत बोर्डिंग के छात्रों ने महिलाओं और अन्य लोगों पर पानी फैंकना शुरु कर दिया, जब इसका विरोध किया गया तो वह लाठियां व सरिए लेकर बाहर आ गए और आधा दर्जन से अधिक गाडिय़ा तोड़ दीं, वहीं दहेज के सामान के साथ डेकोरेशन भी तोड़ दिया, जो भी बीच में आया उसे पीटा। यह सहन नहीं किया जाएगा। सारा वाल्मीकि समाज एक साथ है और शहर में सफाई व्यवस्था ठप्प कर दी गई है।