राष्ट्रव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन- बैंक कर्मचारियों बैंक ऑफ इंडिया..फूलबाग पर प्रदर्शन किया

Feb 01 2020


 
ग्वालियर. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफओबीओ) के आव्हान पर पूरे देश में दो दिवसीय बैंकों की हड़ताल के दौरान दूसरे दिन भी ग्वालियर के बैंकों में ताले लटके रहे। अगर पूरे देश की बात करें तो 10 लाख बैंक कर्मी हड़ताल पर रहें। यूएफओबीओ यूनाइटेड ऑफ बैंक यूनियन की ग्वालियर की फूलबाग शाखा बैंक ऑफ इंडिया पर कर्मचारियों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आज के प्रदर्शन में रहीम खान, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, हेमंत गोस्वामी, हर्ष अरोरा, भरत शर्मा, एमके गुप्ता, रीतिका बघेल, संजय खंडेलवाल, अजय देवले, गोवर्धन शर्मा, नवल शुक्ला, रामकुमार शुक्ला, आरसी धनकर, अतुल प्रधान, हिमांशु सारस्वत, नितिन वाटवानी, आनंद दानेकर, सुनील हर्षे, शेलेश कुमार, बलवीर सिंह, अनिल श्रीवास्तव, सुनील शर्मा, शाहरूख कुरेशी, रामस्वरूप्, सुनील पांड सुनील झा, दीपक भाटिया, निर्मला कुशवाह, विजय लक्ष्मी और एसएल लहारिया आदि ने बैंक कर्मचारियों को संबोधित किया और प्रदर्शन के बाद ग्वालियर कलेक्टर को पीएम नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा।
यह हैं बैंक कर्मचारियों की मांगें
नवंबर 2017 से लंबित बैंक कर्मचारियों अधिकारियों का वेतन समझौता शीघ्र संपादित किया जावे’।

बैंक कर्मचारियों अधिकारियों की पेंशन का रिवीजन जो 1990 से नहीं किया गया है तुरंत किया जावे।

कॉरपोरेट ऋण जो बड़े बड़े उद्योगपतियों ने चुकाया नहीं है उसकी प्रभाव पूर्ण वसूली जावे’।

बैंकों में स्टाफ की अत्यधिक कमी है नई भर्तियां शीघ्र की जावे।

छोटे जमाकर्ताओं के जमा पर ब्याज दर में वृद्धि की जावे’।

नई पेंशन योजना वापस ली जाये।

पेंशन आय को बिना सीमा के आयकर से मुक्त किया जाये और परिवार पेंशन में बडे सुधार की आवश्यकता है।

बैंक अधिकारियों के काम का समय निर्धारित करो।

समान कार्य के लिए समान वेतन निर्धारित किया जाये।

श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी संशोधन वापस लो।

बैंकों में 5 दिवस कार्य योजना लागू करें।

बैंक कर्मचारियों अधिकारियों के लिए स्टाफ वेलफेयर फंड की गणना ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर की जावे।

वेतन पुनरीक्षण समझौता वेतन पर्ची के आधार पर 20 प्रतिशत वृद्धि एवं पर्याप्त प्रभार के लागू किया जाय और विशेष भत्तों का मूल वेतन में विलय किया जाय।

अगर दो दिवसीय हड़ताल से भी भारतीय बैंक संघ और केन्द्र सरकार नही मनी तो 11ध्12ध्13 मार्च को तीन दिवसीय हड़ताल की जायेगी और तब भी समझौता नही हुआ तो यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियन राष्ट्रिय स्तर पर 1 अप्रेल से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चला जायेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी भारतीय बैंक संघ और केन्द्र सरकार की होगी।