दीपा मलिक ने कहा . सफल होना है तो चेंज को अपनाएंए बाधाओं का सोल्यूशन ढूंढें कैट के कार्यक्रम ष्संकल्प की शक्तिष् में छात्रों एवं युवाओं से संवाद में दिए कामयाबी के गुर

Jan 31 2020


ग्वालियरए 31 जनवरी। ष्दुख सभी के जीवन में आते हैं लेकिन कठिन परिस्थितियों से हारने के बजाए उनका सोल्यूशन ढूंढना चाहिए। युवा पीढ़ी के लिए सफलता का मूल मंत्र है कि चेंज को अपनाएं। सीखना बंद तो जीतना बंदए इसलिए सीखने की प्रवृत्ति को जीवनभर बनाए रखें। ईश्वर पर भरोसा है तो किस्मत में जो लिखा है वह मिलेगाए यदि खुद पर भरोसा है तो तुम जो चाहोगे वह हासिल होगा।ष्
  जीवन में विजयश्री पाने के लिए सफलता के ये मूल मंत्र दिए पदमश्रीए अर्जुन एवार्ड एवं राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड से सम्मानित देश के खेल जगत की नामचीन हस्ती डॉण् दीपा मलिक ने। वे आज यहां कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स कैट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ष्संकल्प की शक्तिष् विषय पर युवाओं एवं छात्रों से संवाद कर रही थीं। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विवि के कुलपति डॉण् एसण्केण्राव ने की। इस अवसर पर युवाओं को मोटीवेट करते हुए प्रख्यात समाजसेविका एवं पदमश्री से सम्मानित कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉण् उमा तुली ने भी युवाओं को सफलता के गुर दिए। ग्वालियर में पहली बार आयोजित अपने ढंग के इस युवा केंद्रित आयोजन को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि कैट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन ने कहा कि कैट का सदैव से प्रयास रहा है कि ग्वालियर के युवा सफलता के पथ पर तेजी से अग्रसित होकर अपने रोल मॉडल्स के जीवन से सीख लें। पैराओलंपिक में भारत की ओर से पहला सिल्वर मैडल जीतने के साथ आठ नेशनल अवार्ड व 23 अंतर्राष्ट्रीय एवार्ड हासिल कर दुनियाभर में देश का नाम रोशन करने वालीं दीपा मलिक का संवाद कार्यक्रम इसी उद्देश्य से रखा गया है।
 करीब डेढ़ घंटे के इस कार्यक्रम में पदमश्री डॉण् दीपा मलिक ने स्वयं की शारीरिक असहजता के बावजूद पैराओलंपिकए एशियन गेम्स आदि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कामयाबी हासिल करने का शानदार मुकाम हासिल करने के रास्ते में आई तमाम बाधाओं और उन पर विजय पाने के लिए किए संघर्ष से जुड़ी उन बातों को साझा किया जिनसे अब तक युवा एवं उनके फैन्स अनभिज्ञ थे। उन्होंने इस अवसर पर छात्रों एवं युवाओं के प्रश्नों के जवाब दिए। एैसे ही तमाम रोचक व रोमांचक प्रश्नों के अपनी विशिष्ट शैली में उत्तर देते हुए दीपा मलिक ने कहा कि मोटीवेशन की भूख जिन्दा रहनी चाहिए। यदि आप सीखना चाहते हैं तो किसी से भी मोटीवेट हो सकते हैं। उन्होंने अपने जीवन में एक बुजुर्ग महिला द्वारा दी गई सीख को साझा करते हुए कहा कि सर पर बर्फ और मुंह में चीनी रखना चाहिए अर्थात दिमाग से सदैव खुश और वाणी से सदैव मृदुल रहना चाहिए।  
  उन्होंने कहा कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है बशर्ते हम हासिल करने की जिद ठान लें। कितनी भी विपदा आएं लेकिन हमें अपने पर भरोसा सदैव कायम रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से एंग एंटरप्रेन्योर बनने का आव्हान करते हुए कहा कि स्टार्टअप्स के जरिए आज के प्रतिस्पर्धी युग में अपना कैरियर संवार सकते हैं। इस अवसर पर दीपा मलिक की बेटी देविका ने भी प्रजेंटेशन दिया जिन्होंने व्हीलिंग हैप्पीनेस ईजाद किया है। समारोह के प्रारंभ में रवि गुप्ताए साधना शांडिल्यए कविताए विकास हरलालकाए कमल नागपालए अजय सिंहलए विवेक जैनए निकुंज भार्गवए जयदीप शाहए डॉण् शिखाए प्रिया दास आदि ने दीपा मलिक का स्वागत किया। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक कशिश अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कैट यूथ विंग के पदाधिकारियों सहित अंकुर माहेश्वरीए रजत अग्रवालए अर्पित भार्गवए मनोज चौरसिया आदि का दीपा मलिक ने उत्साहवर्धन किया। दीपा मलिक ने ग्वालियर के राजमाता विमानतल पर अधिकाधिक उड्डयन सेवाओं को प्रारंभ कराने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले एयरपोर्ट डायरेक्टर डब्ल्यूण्एनण्अंसारी को भी दीपा मलिक ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय कीे डीन फैकल्टी डॉण् मृदुला बिल्लौरेए प्रेस्टीज के डायरेक्टर डॉण् एसएस भाकरए डॉण् डबासए डॉण् बरूआ सहित शैक्षणिक जगत के विशिष्टजन उपस्थित थे।