नारायणा हेल्थ ने साझा की जीवन रक्षक एक्मो मशीन

Jan 30 2020

ग्वालियर। भौगोलिक दृष्टि से मध्य प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है, इसलिए यहाँ के जनसं या घनत्व को देखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र प्राथमिकताओं में से एक है, खास तौर पर इमरजेंसी ट्रीटमेंट। ऐसे में इंटेंसिव केयर की तकनीकों में आई आधुनिकता पर विशेष ध्यान देना अस्पतालों के लिए ज़रूरी है। इस विषय में एक्मो मशीन या ईसीएमओ (एक्स्ट्राकोर्पोरियल में ब्रेन ऑक्सीजेनेशन) ऐसी तकनीक है जो इमरजेंसी केसेस, यहाँ तक कि जान जोखिम में डालने वाली स्थितियों में मरीज़ों के शवसन और हृदय को एक साथ सपोर्ट देने का काम करती है। यह तकनीक नारायणा मल्टीस्पेशेलिटी अस्पताल, जयपुर में उपलब्ध है। मध्य प्रदेश से आने वाले मरीज़ भी इससे लाभान्वित हो सकते हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि इस तकनीक के संचालन के लिए कौशल व अनुभव की ज़रुरत होती है जो नारायणा मल्टीस्पेशेलिटी अस्पताल, जयपुर में उपलब्ध है। 
नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के एनेस्थिसिया व क्रिटिकल केयर विभाग के अध्यक्ष और क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप गोयल ने पत्रकारों को बताया कि, "यह तकनीक उन लोगों को लंबे समय तक हृदय और श्वसन संबंधित सहायता प्रदान करती है, जिनके दिल या फेफड़े कुछ कारणोवश अस्थायी रूप से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन देने में असमर्थ हो जाते है। इस तकनीक में मरीज के शरीर का पूरा खून मशीन से बाहर निकालते हैं, फिर उसमें जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन शामिल कर प्रेशर से वापस शरीर में प्रवाह किया जाता है। इससे बीपी तो ठीक होता ही है, फेफड़ो व हार्ट के खून में ऑक्सीजन की मात्रा भी सही हो जाती है।