बारिश व सर्द हवा ने लौटाई ठंड

Jan 29 2020

ग्वालियर। बुधवार को दोपहर बाद एक बार फिर मौसम का पलटवार होते ही रात में हुई हल्की बारिश के  साथ आठ किलोमीटर प्रति घंटे की र तार से चल रही उत्तर-पश्चिमी हवा से एक बार फिर मौसम सर्द होते ही ठंड वापस लौट आई। बुधवार सुबह भी तेज शीतलहर व आसमान में छाए कोहरे ने शहरवासियों को ठंड का अहसास कराया। मौसम विभाग के अनुसार अंचल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबंादी होने से ठंड शहरवासियों को परेशान करती दिखेगी।
बुधवार की दोपहर बाद अंचल में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते एक दिन पहले ही मौसम में गर्मी का अहसास होने के बाद बुधवार की शाम एक बार फिर मौसम ने पलटवार किया। रात गहराने के साथ ही आसमान में छाई काली घटाओं के बाद बारिश व ठंडी हवा से सर्दी वापस लौट आई। आज सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो आसमान में बादलों के डेरा के साथ ही छाए कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा डाली। आज सुबह साढ़े पांच बजे सर्द हवा के साथ कोहरा छाने के बाद सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता घटकर पांच सौ मीटर के नीचे पहुंचने से सड़कों पर वाहन दौडाने वाले वाहन चालकों को हेड लाइट जलाने को मजूबर कर दिया।
मौसम विभाग ने बताया कि बीती रात शहर में चार मिली मीटर बारिश होने से मौसम पूरी तरह से सर्द हो गया है। बुधवार को दिन भर बादलों का डेरा आसमान में रहने व आठ किलोमीटर प्रति घंटे की र तार से चलने वाली सर्द हवा शहरवासियों को सर्दी का अहसास कराती दिखेंगी। वहीं गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होते ही बादलों के छंटने के बाद एक बार फिर ठिठुरन ारी सर्दी शहरवासियों को परेशान करती दिखेगी।
दो दिनों से दिन व रात के पारे में हो रही बढ़ोतरी के बाद गर्मी का अहसास होते ही शरीर पर पहने गर्म कपड़े शरीर को चुभन पैदा करने लगे थे। लेकिन मंगलवार की रात हुई बारिश व चल रही सर्द हवा के बाद लौटी ठंड के बाद बुधवार सुबह घरों से बाहर निकले शहरवासी सर्द मौसम से बचाव के लिए शरीर पर गरम कपड़े पहन कर ही बाहर निकले।
जेएएच में पदस्थ एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अजयपाल ने बताया कि रोजाना मौसम में हो रहे बदलाव के कारण शहरवासी वायरल व अन्य मौसमी बीमारियों का शिकार हो रहे है। मौसम में हो रहे बदलाव से बचने के लिए शहरवासी जब भी घरों से गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकले, साथ ही गरिष्ठ भोजन से परहेज करने के साथ बासी खाने का सेवन कतई नहीं करे। वहीं मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए दिन में तीन लीटर पानी जरूर पिएं।