रोटी और बेटी पर हमले के कारण आया सीएएरू राकेश सिन्हा .वर्तमान परिप्रेक्ष्य भारतीय नागरिकता पर संगोष्ठी

Jan 25 2020



ग्वालियर। राज्यसभा सांसद एवं मुखर वक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून इतना सरल और सहज है जिसे मात्र दो मिनट में समझा जा सकता है। किन्तु कुछ अलगाववादी और वामपंथी ताकतें इसका ना सिर्फ विरोध कर रहे हैं बल्कि भ्रम के जरिए हिंसा भी फैला रहे हैं। जिससे शाहीनबाग जैसे लोग पैदा हो रहे हैं। जबकि इस कानून को रोटी और बेटी पर लगातार हुए हमले और अत्याचार के कारण लाया गया है। वह शनिवार को ग्वालियर के चेम्बर ऑफ कॉमर्स सभागार में विद्वत परिषद विद्या भारती द्वारा श्वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय नागरिकता्य विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश धर्मध्वज पालीवाल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान भोपाल के अध्यक्ष शिरोमणि दुबे उपस्थित थे। 
    मुख्य वक्ता श्री सिन्हा ने लगभग एक घंटे के तार्किक उद्बोधन में कहा कि तीन देशों में धार्मिक दशकों से प्रताडि़त हो रहे हिन्दूए सिखए बौद्धए ईसाईए पारसी व जैन धर्म के लोगों को जान.माल की रक्षा और न्यूनतम जीवन मूल्य संरक्षित करने के लिए भारत द्वारा नागरिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य कतई मुस्लिमों के खिलाफ नहीं हैए जिसे कि बढ़ा.चढ़ाकर भ्रम के रूप में सामने लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय पाक से यह मौखिक समझौता हुआ था कि जो पाक जा रहे हैं उनके जान.माल की रक्षा और न्यूनतम जीवन मूल्य को संरक्षित किया जाएगा। वह दोनों देशों को मानना होगाए किन्तु पाकिस्तान ने यह वादा नहीं निभाया और फिर जान.माल की क्षति के साथ धर्म परिवर्तन जैसी घटनाएं हुईं। इतना ही नहीं रोटी और बेटी पर हमला हुआ तो पलायन शुरू हो गया। यह हमला महिला के सम्मान पर हैए जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इसलिए वे देश छोडऩे को मजबूर हुए। भले ही दुनिया के देश यह निर्दयता नहीं देख रहे किन्तु हम इससे आंख कैसे बंद कर सकते हैं। इसे सीधे तौर पर धार्मिक कारणों से प्रताडऩा के कारण कानून लाना कहा जा सकता है। क्योंकि बाग.बकरी को एक साथ तराजू पर नहीं तौला जा सकता। इसके लिए उन्होंने बांग्लादेश से वर्ष 1971 से अब तक गायब हुए हिन्दुओं का सिलसिलेवार वर्णन किया। साथ ही बताया कि अफगानिस्तान में 2ण्20 लाख हिन्दुओं में से आज 1400 बचे हैं। उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि शेष हिन्दुओं के साथ क्या बर्ताव किया गया होगा। शाहीनबाग के लोग तो चाहते हैं कि इन 1400 को भी मार फेंका जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में धर्म विभाजन की भी व्यवस्था है। हिन्दू प्रयोगधर्मी समाज है लेकिन जो लोग हमें धर्म निरपेक्षता समझाना चाहते हैं वे सूर्य को दिया दिखाने जैसा है। ये लोग तो वन्दे मातरम् और भारत माता की जय में भी सांप्रदायिकता देखते हैं। इन लोगों का सीएए के खिलाफ विरोध पूरी तरह अतार्किक है। वामपंथीए राष्ट्र तोड़कर लेनिन के सिद्धांत और उपराष्ट्र की धारणा पर चलना चाहते हैं। मंच पर संयोजक अशोक वर्माए समन्वयक अवधेश त्यागी उपस्थित थे। कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉण् दिनेशचन्द तिवारी ने रखी। अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह तरुण मित्तलए रामवीर सिंह जादौनए राजेश शुक्लाए डॉण् नीतेश शर्माए रमेशचन्द्र मिश्राए सीण्पीण् शिन्दे ने भेंट किए। संचालन मनोज तिवारी एवं आभार अशोक वर्मा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवीए गणमान्यजन आदि मौजूद रहे। 

कमलनाथ सरकार को 30 सेकंड में उखाड़ फेंके
    राज्यसभा सदस्य श्री सिन्हा ने जहां केरल सरकार द्वारा सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने पर उन्हें आड़े हाथों लिया वहीं इसे न अपनाने की बात कहने वाले मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार को 30 सेकंड में उखाड़ फेंकने की बात कही। उन्होंने कहा कि संप्रभुता जनता के हाथ में होती हैए उसकी आवाज के विपरीत जाने वाले को सत्ता से बाहर कर दिया जाता है। श्री सिन्हा ने  कहा कि खान अब्दुल गफ्फार उर्फ सीमांत गांधी जिन्होंने अखण्ड भारत की बात करते हुए विभाजन को अस्वीकार किया था वे आज भी महात्मा गांधीए जवाहर लाल नेहरूए सोनिया गांधीए राहुल गांधी के सामने यक्ष प्रश्न की तरह हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया.राहुल के मन में राष्ट्रप्रेम होता तो वे आज सीएए के विरोध व ओवेसी के पक्ष में खड़े न होते। 

देश तोड़कर सत्ता हासिल कीए अब ऐसा नहीं होगारू दुबे 
    मुख्य अतिथि शिरोमणि दुबे ने कहा कि कांग्रेस ने 1947 में देश तोड़कर जिस तरह सत्ता हासिल की वही काम अब वे पुनरू करना चाहते हैं। जिसमें किसी भी हालत में सफलता नहीं मिलने वाली। ये सब मिलकर कितना भी स्यापा.विरोध कर लें किन्तु हम घुसपैठियों को भारत का रास्ता दिखाकर शरणार्थियों को नागरिकता देकर ही रहेंगे। उन्होंने वीर रस की कविताएं सुनाते हुए कहा कि अब पाक में किसी रिंकल को नहीं सिसकने दिया जाएगा। किसी सोनम को सबनम नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने फारुख अब्दुल्ला को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तिरंगा जलने की बात करने वाले कश्मीर तुम्हारे बाप का नहींए भारत का है और भारत का ही रहेगा। अध्यक्षता कर रहे पूर्व न्यायाधीश धर्मध्वज पालीवाल ने कहा कि सीएए मामले को लेकर देशभर में पक्ष और विपक्ष में रैलियां निकल रहीं हैं। किन्तु विरोधियों को समझना होगा कि उन्हें भ्रमित किया जा रहा है। यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन हैए फैसले का इंतजार करना होगा।