हमेशा जीवन में एक अच्छा गुण पैदा करो जो तु हें भगवान बना दे-आचार्यश्री

Jan 22 2020

ग्वालियर। मन संसार में है मन बदलने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। मन दुखी है तो आदमी मन में मारने का विचार भी लाता है। अगर मन प्रसन्न है आनंदित है तो हर क्षण स्वर्ग है इसलिए हर समय मन को प्रसन्न रखो, भक्ति में रखो, ईश्वर की आराधना में प्रसन्न रखो। व्यक्ति के गुणों का कहीं स मान होता है व्यक्ति को मन तो बनाना पड़ता है। मन की की प्रसन्नता सरलता व्यक्ति को आध्यत्मक आनंद परम आनंद तक पहुंचा देता है। व्यक्ति को अच्छाइयां अपनाना चाहिए बुराई को छोड़ो देना चाहिए, इसलिए हमेशा जीवन में एक अच्छा गुण पैदा करो जो तु हें भगवान बना दे। यह विचार अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज ने बुधवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग बगीची में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
  आचार्यश्री ने कहाकि जिन जिन बातों का त्याग करता है व्यक्ति उन्हीं का मन में विचार ज्यादा आता है। निशेष में आकर्षण होता है। मन बड़ी अजीव चीज है जिस कार्य को मना करें वही बार-बार विचार में आता है। व्यक्ति की एक बुरी आदत लाखों अच्छाइयों कों बर्बाद कर देती है। आचार्यश्री ने कहा है कि एक बुराई व्यक्ति की लाखों अच्छाइयों को खत्म कर देती है इसीलिए ही एक गुण ऐसा पैदा करो कि हमेशा जो आपको महान बना देगी। आचार्यश्री ने कहाकि परमात्मा के लिए जिओ क्योंकि उसने तु हें जीवन दिया है तो संस्कृति सदाचार पूर्वक जीवन जीना चाहिए।  
आचार्यश्री से विधायाक ने श्रीफल भेंट कर लिया आर्शिवाद, किया स मान
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्ष कलम ने बताया कि आचार्यश्री प्रसन्न सागर महाराज एवं मुनि श्री पीयूश सागर महाराज के चरणों मे दक्षिण विधान सभा के विधयाक प्रवीण पाठक, धमेंद्र जैन ने श्रीफल चढाकर आर्शिवाद लिया। मु य संयोजक प्रषांत गंगवाल, प्रियांक सोनी, विनय कासलीवाल, विनोद पटोदी, साफ टुपट श्रीफल देकर स मानित ंिकया।