धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री प्रसन्न सागर ने कहा कि
Jan 20 2020
ग्वालियर। दुनिया में जितने भी पाप और अपराध हो रहे है वह सब सोये हुए लोगों द्वारा ही हो रहे है। जागा हुआ आदमी कोई पाप नहीं करता। में पूछता हॅू क्या होश में व्यक्ति किसी को गाली दे सकता है। क्या किसी का गला घोंट सकता है। क्या शराब पी सकता है नही बिल्कुल नही। होश में व्यक्ति शराब पी ही नही सकता। लोग कहते है शराब पीने के बाद व्यक्ति बेहोश हो जाता है लेकिन मैं कहता हूॅ ंिक बेहोश व्यक्ति ही शराब पीता है। होश में शराब पीना संभव ही नहीं है। महावीर की साधना होश की साधना है। जीवन एक भव्य जागरण है जिन्होने भी पाया है जागकर ही पाया है। यह विचार अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज ने सोमवार को नई सड़क स्थित चंपाबाग बगीची में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने कहाकि संतो से गृहस्थो का जीवन कठिन है। संसारी जीव सब होने के बाद भी अशांत चिंत रहता है, दु:खी रहता है। क्योंकि संसारी जीव के पास ज्ञान की गति, ज्ञान की दिशा नही है। संसारी जीव जोडऩे में लगा है। जितना है उसके पास उसमे में भी वह खुश नही रहता है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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