तुम धर्म के लिए कामना करो तु हारी कामना काम धेनु बन जाएगी-आचार्यश्री

Jan 20 2020

ग्वालियर। अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता उभयमासो उपवासी अंतर्मना आचार्यश्री प्रसंन्न सागर जी महाराज ग्वालियर गोपचल पावन धरा में नगर आगमान के प्रसंग पर नई सडक स्थित महावीर का पलेस में पत्रकारों से प्रेसवार्ता करते हुए कहा रहे थे तुम धर्म के लिए हाथ बढ़ाओ तु हारें हाथ कल्पवृक्ष हो जाएंगे। तुम धर्म के लिए कामना करो तु हारी कामना काम धेनु बन जाएगी। तुम धर्म के लिए चिंता करो तु हारी चिंता चिंतामणि हो जाएगी। तुम धर्म के लिए दान दो धर्म को धर्म से जुड़ो तु हारे भण्डार अक्षय हो जाएगे और यदि तु हें धर्म के लिए मरण का वरण भी करो तो अमर हो जाओगे, इसलिए धर्म चिंतामणी रत्न है यह चितामणी रत्न केवल हमारे मनोरथो मनोकामनाओ को पुरा नही करता अपितु जीवन मुक्ति मार्ग प्रशस्त करता है। धर्म का चिंतन करो तो जीवन की चिंताऐ स्वतह ही निषेश हो जाएगी। अंतर्मना सत ने कहा मन की तिजोरियो में केवल धर्म भरने की कोषिष मत करो उसमें धर्म का समोशरण भी करो। धर्म ही जीवन की समृद्धि है।
जनमंगल महोत्सव अशुभ से शुभ की यात्रा का नाम है-अंतर्मना
  अंतर्मना आचार्यश्री प्रसन्न सागर महाराज ने 21 जनवरी को प्रात 8 बजे से होने वाले जनमंगल महोत्सव कार्यक्रम का महत्व पत्रकार वार्ता में बताते हुए कहा कि जनमंगल महोत्सव अशुभ से शुभ की यात्रा का नाम है। पाप से पुण्य की यात्रा, षुभ से श्रेष्ठ की यात्रा, सुख-समृद्धि-शांति, अमन, चेन उदभाव मैत्री का अनुष्ठान है। जन मंगल महोत्सव इस अनुष्ठान में मंत्र स्नान, षरीर षुद्धि एवं अनेक समस्याओं का समाधान मिलेगा।