आचार्यश्री सोनागिर से पाद विहार कर आज ग्वालियर में मंगल प्रवेश

Jan 18 2020

 

 

 

   ग्वालियर। पापी को जागने मत देनाए उसका सोए रहना ही अच्छा हैए क्योकि जब तक वह सोता रहेगा कम से कम उतनी देर तो लोग उसके अत्याचार से बचेंगेए और संत को सोने मत देना क्योकि यदि संत सो गया तो दुनिया का कल्याण रूक जाएगा। हमारी कोशिश हो कि संत जागता रहेए पापी सोता रहे। यह बात आचार्यश्री प्रसंन्न सागर महाराज ने आज शनिवार टेकनपुर स्थित प्रकाश स्कूल में धर्मसभा में व्यक्त कि।
   आचार्यश्री ने कहा कि पाप और पुण्य जीवन में दो तत्व है। जीवन की गाड़ी इन्हीं दोंनो से चलती है। मगर मै पूछता हूं कि जिस गाड़ी में एक पहिया टेक्टर का है और दूसरा साईकिल का.वह गाड़ी कितनी चलेगीं और कब तक चलेगी। आज तुम्हारे जीवन के साथ यही हो रहा है। तुम्हारे जीवन की गाडी में एक पहिया टेक्टर का है जिसका नाम पाप और दूसर साईकिल का है पुण्य। तुम्हार पाप का पहिया भारी और पुण्य कमजोर। अब क्या होगा जीवन की गाडी स्थित है। हम जीवन में पुण्य बढ़ाये। पुण्य का पहिया मजबूत बनाये ताकि गाडी को षाक्ति मिल सके।  इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य संयोजक प्रशांत गंगवालए उप संयोजक विनय कासलीवालए प्रियांक सोनीए धर्म वरैयाए मौजूद थे। 
भगवान आदिनाथ अभिषेक और पूजन व 108 दीप समर्पित किए
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन आदर्श कलम ने बताया कि आचार्यश्री प्रसन्न सागर महाराजए मुनिश्री पियूश सागर एवं क्षुल्लकश्री पर्व सागर महाराज के सानिध्य में चल रहे चैत्यलाय मदिर का प्रात की बेला में टेकनपुर प्रकाश स्कूल मे जैन समाज के लोगो ने भगवान आदिनाथए भगवान पाश्र्वनाथ की प्रतिमाओ का अभिशेक और पूजन किया। आचार्यश्री मुख्यबिंद मंत्रउच्चरणो के साथ जैन समाज के लोगो ने 108 दीपक समर्पित