भारत उस वेदान्त पर आधारित हैं जिस पर दुनिया के सारे धर्म टिके हैंरू डॉण् अदालतवाले ग्वालियर। हर महान व्यक्तित्व छोटी उम्र में ही कुछ ऐसा कर गया जिसे पूर्ण विश्व जानता है। ऐसे ही छोटी उम्र में स्वामी विवेकानन्द ने सोती आत्मा को जगाने का कार्य किया। स्वामी जी युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत तो थे ही परन्तु उन्हें पूरा विश्व प्रेरणा स्त्रोत के रूप में मानता है। यह बात डॉण् अदालतवाले ने युवा सप्ताह के समापन अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना माधव महाविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कही। युवा सप्ताह 12 जनवरी से 18 जनवरी तक मनाया जाता है जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉण् रविकांत अदालतवालेए समन्वय रासेयो प्रकोष्ठ जीवाजी विश्वविद्यालयए जिला संगठक रासेयो एवं प्राचार्य डॉण् मनोज चतुर्वेदीए विशिष्ट अतिथि डॉण् मनोज अवस्थीए वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉण् संजय कुमार पाण्डेयए राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉण् राजेश मिश्रा उपस्थित थे। डॉण् अदालतवाले ने बताया कि विश्वास में समग्र पूर्णता होती है और अपूर्णता विष के समान होती है। स्वामी विवेकानन्द ने 39 वर्ष की उम्र में सोते हुए समाज को जगाने के कार्य कियेष। शिकागो सम्मेलन में उन्होंने जो कहा वह आज भी भारत की आत्मा को जागृत करता है। डॉण् चतुर्वेदी ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द समाज में कुरूतियों को मिटाने व एक साथ आकर कार्य करने का प्रयास करें। सफलता तभी मिलेगी जिसके लिए 100 युवाओं का आव्हान उन्होंने किया था। बचपन में नरेन्द्र अपना जो भी कार्य करते थे वह एकाग्रचित्त होकर करते थे। डॉण् अवस्थी ने बताया कि युवा भारत के भविष्य हैं इन युवाओं को पढ़ाई के साथ.साथ अपने किसी लक्ष्य का निर्धारण कर लेना चाहिए। रासयो में किये गये कार्य समाज के लिए होते हैं। समाज हमें इन कार्यों के बदले हमारे व्यक्तित्व को निखारता है। कार्यक्रम में अंकुर चौरसियाए योगेश माहौरए रवि धाकड़ए करण बरूआए अनुभव दीक्षितए अजय राजौररियाए प्रियंका किरारए परिधि शिवहरेए साक्षीए अनिरूद्ध शर्माए कुण् नैना गर्गए रवि आदि लोग उपस्थित थे।

Jan 18 2020