अध्यक्ष, एमटीए डॉ. सुनील अग्रवाल और डॉ. अशोक मिश्रा के बीच हुई नोंकझोंक

Jan 17 2020

 

एमटीए संस्था अवैध हैं उन्हें नैतिक के आधार पर इस्तीफा देना चाहिये-डॉ अशोक मिश्रा
ग्वालियर. गजराराजा मेड़ीकल कॉलेज में अधिष्ठाता के पद पर सीधी भर्ती के लिये अपना पक्ष रखने के लिये मेडीकल टीचर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल पत्रकारवार्ता बुलाई थी उसी समय वर्तमान में जयारोग्य चिकित्सालय के सुपरिडेंट डॉ. अशोक मिश्रा पहुंच गये डीन की भर्ती को लेकर आपस में उलझ गये।
सभी चिकित्सकों को पूरा मौका मिलना चाहिये
मेडीकल टीचर्स एसोसियेशन (एमटीए) अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने पत्रकारों के सवालों के जबाव देते हुए कहा कि डीन की भर्ती के लिये सभी चिकित्सकों को पूरा मौका मिलना चाहिये इसके लिये विज्ञप्ति पुनः प्रकाशित की जाये और सेवा शर्ते बदली जाये इस मुद्दे पर शासन को अपनी नीति भी स्पष्ट करनी चाहिये। शासन ने अपना रवैया नहीं बदला तो हम इसें ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका लगायेंगे सबको न्याय मिलना चाहिये सामान्य प्रक्रिया हैं। समिति बदली गयी है भ्रम की स्थिति बनी हुई और यह हमारा विरोध हैं। एमटीए के सवाल पर जबाव टाल गये और एमटीए अध्यक्ष बोले सर्वमान्य एमटीए है जो काम कर रही हैं।
डॉ. सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष, एमटीए
मैं उन्हें अध्यक्ष ही नहीं मानता हूं उन्हें नैतिकता के आधार इस्तीफा देना चाहिये
सबसे पहले यह नियम लागू हुए थे। राजपत्रित श्रेणी के पदों की भर्ती के लिये स्वशासी सस्था घोषित होने के पूर्व सम्मिलित वरिष्ठता सूची के भर्ती नियम 1987 के अनुसार होगी। 1987 से पहले के लोगों पर विचार किया जायेगा उसके बाद इन चिकित्सकों पर विचार किया जायेगा। मेरा ऐसा मानना है ग्वालियर मेडीकल कॉलेज बहुत पुराना ऐतिहासिक कॉलेज इसकी विश्व में मान्यता है इसकी गरिमा खत्म करने का किसी अधिकारी नहीं है। अधिष्ठता पद को लेकर जिस तरह मेडीकल कॉलेज की गरिमा खत्म की जा रही है वह अक्षम्य है मेडीकल टीचर्स और स्टूडेंट इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं। मेडीकल टीचर्स एसोसियेशन को अवैध मानता हूं क्योंकि इसके चुनाव वर्षो नहीं हुए हैं। एक पंजीकृत संस्था के चुनाव नियम के हिसाब से होना चाहिये उसके पंजीकृत मतदाता है उनके नाम की सूची जारी होना चाहिये और 21 दिन पूर्व नोटिस जारी होना चाहिये। चुनाव अधिकारी तय होते हैं उसके बाद चुनाव होते है तो नियमों से ऊपर कोई भी नहीं है चाहे कोई भी हो व्यक्ति हो कई बार व्यक्ति अपने अवैध कामों को छुपाने के लिये अपने इश्यू को पब्लिक इश्यू बनाकर सामने लाने की कोशिश करता है वह उचित नहीं हैं। मेडीकल कॉलेज के डॉक्टर बुद्धिजीवी है सब चीजें समझते हैं। एमटीए अध्यक्ष ने कहा हमें इस पात्र नहीं बनाया के जबाव में डॉ. अशोक मिश्रा ने जबाव में बोले 1987 के नियमों वरिष्ठ लोगों होंगे उसमें पात्र क्यों नहीं जो नियम है तो हैं और यह शासन का नियम हैं। उसी के अनुसार होगा। एमटीए अध्यक्ष पद के सवाल के जबाव में बोले वह पद भी अवैध हो जायेगा जब यहां की संस्था ही अवैध हो गयी तो पद भी अवैध हो जायेगा और मैं उन्हें अध्यक्ष ही नहीं मानता हूं नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिये। न्यायालय में जाने के सवाल पर कहा कि बिलकुल जाना चाहिये न्यायालय में इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।
डॉ. अशोक मिश्रा, अधीक्षक, जयारोग्य