युवाओं को स्वामी विवेकानन्द से प्रेरणा लेकर कार्य करना चाहिए: डॉ. चतुर्वेदी

Jan 13 2020

 
 
ग्वालियर। भारत युवाओं का देश माना जाता है। इन युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानन्द  रहे हैं जिनके जन्म दिवस पर युवा उनसे प्रेरणा लेकर भारत के भविष्य को परिवर्तित कर सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना माधव महाविद्यालय द्वारा युवा सप्ताह के अवसर पर युवाओं को प्रेरित करने का कार्य रासेयो स्वयंसेवकों द्वारा किया गया। स्वामी विवेकानन्द के जन्म शताब्दी कार्यक्रम में स्वामी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रारंभ किया गया। स्वामी विवेकानन्द ने भी चुनिन्दा युवकों के द्वारा राष्ट्र व समाज को बदलने का संकल्प लिया था क्योंकि युवा ही देश की शक्ति है यह बात प्राचार्य डॉ. चतुर्वेदी ने कही। युवा सप्ताह के कार्यक्रम में डॉ. मनोज चतुर्वेदी जिला संगठक रासेयो ग्वालियर  प्राचार्य,  डॉ. के. के. कल्याणकर, मुख्य वक्ता डॉ. शिवकुमार शर्मा, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पाण्डेय माधव महाविद्यालय एवं डॉ. राजेश मिश्रा कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे।
युवा विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें जिससे राष्ट्र निर्माण हो सके यह बात डॉ. चतुर्वेदी ने कही। युवा देश की शक्ति है। यह युवा संगठित होकर यदि कार्य करते हैं तो विकास की राह आसान हो जायेगी। नरेन्द्र विवेकानन्द स्वामी एकाग्रचित्त होकर कार्यक्रम करते थे।
डॉ. शर्मा ने बताया कि विवेकानन्द 39 वर्ष अल्पायु में ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर गये जिससे पूरा विश्व मानता है। भारतवर्ष युवाओं का देश माना जाता है। यह युवा यदि संगठित होकर कार्य करें तो देश का भविष्य परिवर्तित कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार पाण्डेय व आभार डॉ. राजेश मिश्रा ने किया।
डॉ. पाण्डेय ने उद्बबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत हैं उन्होंने अपने युवा काल में ही शिकागो में ओझस्वी भाषण देकर देश एवं विदेश के विचारकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी देश व विदेश के युवाओं के प्रेरणप्रद हैं उन्होंने युवाओं को देश का मुख्य कर्णधार बताया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि युवाओं के द्वारा किया गया कार्य सार्थक व सिद्ध होता है। युवा हमारी दौलत है जिसे हमें संजोकर रखना चाहिए। इस कार्यक्रम में अंकुर चौरसिया, तरूण रोहिरा, योगेश्वर माहौर, शैफाली, रवि आदि लोग उपस्थित थे।